
ठिठुरन ने बढ़ाई मुश्किलें: पश्चिमी यूपी में शीतलहर, मुजफ्फरनगर बना सबसे ठंडा जिला
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर चलने से जनजीवन प्रभावित रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा।
दिन-रात दोनों समय बढ़ी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिमी हो गई है। इसके चलते बीते दो दिनों में उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी लखनऊ में भी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री तक पहुंचा।
कई जिलों में पाला पड़ने का खतरा
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडल के जिलों में रात के समय पाला पड़ सकता है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं तराई और दक्षिणी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने के संकेत हैं।
धूप देगी आंशिक राहत
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि कोहरा दिन चढ़ने के साथ छंट जाएगा और धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। इसके बावजूद सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा।
15 जनवरी के बाद बदल सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 15 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता बढ़ने से न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक इजाफा संभव है। इससे शीतलहर की तीव्रता कम हो सकती है, लेकिन कोहरे का दायरा बढ़ सकता है।
18 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना
18 जनवरी के आसपास पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे सर्दी का असर कुछ और दिनों तक बना रह सकता है।
प्रदेश के ठंडे जिलों की सूची
मुजफ्फरनगर (2.1°C), मेरठ (2.9°C), बरेली (3°C), कानपुर (4°C), हरदोई (4.5°C), अलीगढ़ (4.8°C), लखनऊ (5.6°C) औ
र आगरा (6°C)।



