जालंधर में मेडिकल नशे की बड़ी तस्करी का खुलासा: 6000 कैप्सूल के साथ दो एमआर गिरफ्तार
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल नशे की तस्करी का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने अंबाला से जालंधर लाए जा रहे 6000 नशीले कैप्सूल बरामद किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह मामला स्थानीय पुलिस और सीआईए स्टाफ की सतर्कता का नतीजा है, जिसने समय रहते बड़े नशा नेटवर्क को धराशायी किया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तेजिंदर कुमार (पुत्र धर्मपाल) निवासी लाठीमार मोहल्ला, सोढल और जतिन नंदा (पुत्र सुभाष नंदा) निवासी बानिया मोहल्ला, करतारपुर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी मेडिकल नशे की तस्करी में सक्रिय थे और पुलिस के मुताबिक लंबे समय से इस धंधे में लिप्त थे।
सीआईए स्टाफ के एएसआई नितिन शर्मा ने बताया कि टीम बर्ल्टन पार्क इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान अंधेरे में खड़े दो युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी घबरा गए और भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 6000 नशीले कैप्सूल और तस्करी में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद हुआ।
पुलिस ने बताया कि बरामद कैप्सूल अंबाला से जालंधर लाई जा रही थी, और यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। पुलिस इस नेटवर्क के पीछे छिपे अन्य लोगों की पहचान करने के लिए पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को थाना डिवीजन नंबर-1 में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रिमांड पर लिया गया है।
जांच अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई से शहर में मेडिकल नशे की तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस नेटवर्क के अन्य सदस्य भी पुलिस की पकड़ में आ सकते हैं। इसके अलावा, बरामद नशीले कैप्सूल और उससे जुड़े सभी सबूतों को सीआईए स्टाफ ने सुरक्षित कर लिया है, ताकि अदालत में पेश किए जा सकें।
पुलिस का कहना है कि तस्करी में पकड़े गए दोनों आरोपियों का मुख्य उद्देश्य मेडिकल कैप्सूल को छोटे दुकानदारों और अन्य अवैध स्रोतों के जरिए युवाओं तक पहुंचाना था। यह मामला शहर में नशा विरोधी अभियान को और मजबूती देगा और भविष्य में इसी तरह की बड़ी कार्रवाईयों के लिए पुलिस को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
सीआईए स्टाफ ने जनता से अपील की है कि अगर किसी ने मेडिकल नशे या किसी अन्य तरह की नशा तस्करी के बारे में जानकारी है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की नशा तस्करी के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के की जाएगी।
जालंधर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के ऑपरेशन समय पर किए जाने से नशे का बड़ा कारोबार नियंत्रित किया जा सकता है और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि पुलिस सतर्कता और तेजी से कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ कितनी प्रभावशाली साबित हो सकती है। जांच अधिकारी फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं और नशे के पूरे नेटवर्क की तहकीकात कर रहे हैं, ताकि शहर और आसपास के इलाकों में नशे की सप्लाई पूरी तरह रोकी जा सके।


