
चांदनी चौक में अमेरिकी नागरिक से आईफोन छीना, पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर को किया गिरफ्तार
दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक जिंग तेंग से उसका आईफोन छीनने के आरोप में पुलिस ने 33 वर्षीय तौसीफ उर्फ तोशिफ को गिरफ्तार किया है। तौसीफ का आपराधिक इतिहास लंबा है और वह पहले भी कई अपराधों में संलिप्त रहा है। इस गिरफ्तारी के साथ ही झपटमारी के दो मामले सुलझ गए हैं।

घटना 15 जनवरी को ओमेक्स मॉल के सामने हुई थी। जिंग तेंग, जो अमेरिकी राज्य मैसाचुसेट्स के सोमरविले का रहने वाला है, बाजार में खरीदारी कर रहा था, तभी स्कूटर सवार एक व्यक्ति ने उसका आईफोन झपट कर ले लिया। घटना के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया। अगले दिन यानी 16 जनवरी को पीड़ित ने कोतवाली पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
डीसीपी (उत्तर) राजा बांठिया ने बताया कि विदेशी नागरिक की संलिप्तता को देखते हुए पुलिस ने विशेष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटनास्थल के आसपास लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करने के लिए विशेष टीम बनाई गई। फुटेज में आरोपी स्पष्ट रूप से झपटमारी करते और पीड़ित का पीछा करते दिखाई दे रहा था।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, फुटेज और तस्वीरों के आधार पर आरोपी की पहचान अजमेरी गेट इलाके के रहने वाले तौसीफ उर्फ तोशिफ के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि तौसीफ का नाम कमला मार्केट पुलिस थाने में पहले ही “खराब चाल चलन वाले व्यक्ति” के रूप में दर्ज है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और आखिरकार 19 जनवरी को जीबी रोड इलाके से तौसीफ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय वह कथित रूप से एक और अपराध को अंजाम देने की फिराक में था। पूछताछ में तौसीफ ने झपटमारी की बात कबूल कर ली। चोरी किया गया आईफोन 14 प्रो आरोपी के घर से बरामद किया गया और अपराध में इस्तेमाल स्कूटर भी जब्त कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि तौसीफ ने 12 जनवरी को ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास हुई एक और मोबाइल फोन झपटमारी की घटना में भी अपनी संलिप्तता कबूल की। उस मामले में पहले ही लाहौरी गेट पुलिस थाने में ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी थी। इस गिरफ्तारी के साथ ही झपटमारी के दोनों मामले सुलझ गए।
तौसीफ की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो वह स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुका है। पहले वह एक कसाई की दुकान पर काम करता था। पुलिस के अनुसार, नशे की लत के कारण उसने अपराध की राह अपनाई। तौसीफ पिछले 15 वर्षों से जेल की सलाखों का अनुभव रखता है और अक्टूबर में रिहा हुआ था। इसके बाद से उसने राजधानी में लूट और झपटमारी की कम से कम 10 घटनाओं में भाग लिया।
इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हुआ कि राजधानी में ऐसे हिस्ट्रीशीटर अब भी सक्रिय हैं और विदेशी नागरिक भी उनके निशाने पर आ सकते हैं। पुलिस ने विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। डीसीपी (उत्तर) ने कहा कि तौसीफ की गिरफ्तारी और झपटमारी की घटनाओं का खुलासा यह दिखाता है कि पुलिस समयबद्ध जांच और तकनीकी मदद से अपराधियों तक पहुँच सकती है।
तौसीफ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी और बरामद सामान की जानकारी मीडिया को दी। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी से पूछताछ में कई अन्य अपराधों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
दिल्ली पुलिस ने शहर में CCTV कैमरों और डिजिटल जांच पद्धति का इस्तेमाल करके यह भी साबित कर दिया कि तकनीक और त्वरित जांच से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी संभव है। चांदनी चौक जैसे व्यस्त बाजारों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने अपनी गश्त और सतर्कता बढ़ा दी है।
इस घटना ने यह भी उजागर किया कि नशे की लत और अपराध का संबंध कितना घातक हो सकता है। छोटे अपराधों से शुरू होकर कई लोग बड़े अपराधों की ओर बढ़ जाते हैं। तौसीफ का मामला इस बात का उदाहरण है कि अगर समय रहते इन्हें रोका न जाए तो यह समाज के लिए खतरा बन सकते हैं।
अमेरिकी नागरिक जिंग तेंग के साथ हुई यह घटना राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करती है। हालांकि, तौसीफ की गिरफ्तारी और बरामद सामान ने पीड़ित के लिए न्याय की राह आसान कर दी है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सक्रिय जांच और सतर्कता से अन्य संभावित अपराधियों को भी रोका जा सकता है।
इस पूरे मामले में पुलिस ने तकनीक, फुटेज और स्थानीय सूत्रों के सहयोग से अपराधी की पहचान और गिरफ्तारी को सफल बनाया। यह कार्रवाई न केवल चांदनी चौक बल्कि पूरे दिल्ली के व्यस्त बाजारों में सुरक्षा के लिए एक संदेश है कि पुलिस अपराधियों को बख्शने के मूड में नहीं है।



