
कुरुक्षेत्र में भीषण हादसा: पेड़ से टकराया ट्रक, केबिन में फंसे चालक की जिंदा जलकर मौत
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। यहां सड़क किनारे खड़े पेड़ से ट्रक टकराने के बाद उसमें भीषण आग लग गई, जिससे ट्रक चालक केबिन में ही फंस गया और बाहर निकलने का मौका नहीं मिलने के कारण जिंदा जल गया। इस हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

मृतक चालक की पहचान शाहाबाद के हबाना गांव निवासी 57 वर्षीय नासिर मोहम्मद के रूप में हुई है। नासिर पेशे से ट्रक चालक था और यमुनानगर के जठलाना क्षेत्र में स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था। वह कई वर्षों से ट्रक चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात नासिर अपने घर से ट्रक लेकर यमुनानगर स्थित ट्रांसपोर्ट कंपनी की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि उसके साथ उसका एक साथी चालक राजेश कुमार भी था। दोनों अपने-अपने ट्रक लेकर शाहाबाद से यमुनानगर की दिशा में रवाना हुए थे।
रास्ते में चलते हुए दोनों कुछ समय तक साथ-साथ चलते रहे। इसी दौरान नासिर ने रास्ते में एक ढाबे पर ट्रक रोक दिया। उसने अपने साथी राजेश से भी कहा कि वह भी रुककर खाना खा ले। लेकिन राजेश ने बताया कि वह पहले ही खाना खा चुका है, इसलिए उसने अपना ट्रक आगे बढ़ा लिया और नासिर वहीं ढाबे पर रुक गया।
कुछ देर बाद नासिर ने खाना खाया और फिर ट्रक लेकर अपनी मंजिल की ओर निकल पड़ा। बताया जा रहा है कि जब वह कुरुक्षेत्र जिले के बहलोलपुर गांव के पास पहुंचा तो अचानक उसका ट्रक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते ट्रक सड़क किनारे खड़े एक बड़े पेड़ से जा टकराया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसी दौरान ट्रक का डीजल टैंक भी क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें से डीजल लीक होने लगा। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद ट्रक की लाइट या किसी अन्य हिस्से से निकली चिंगारी ने डीजल को आग पकड़वा दी।
कुछ ही पलों में ट्रक में आग लग गई और देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी। आग ने ट्रक के केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय चालक नासिर केबिन के अंदर ही मौजूद था।
टक्कर के कारण ट्रक की सीट आगे की ओर खिसक गई थी और केबिन का हिस्सा भी बुरी तरह पिचक गया था। इससे नासिर सीट और स्टेयरिंग के बीच फंस गया। वह चाहकर भी केबिन से बाहर नहीं निकल सका।
आग तेजी से भड़कती गई और कुछ ही मिनटों में पूरा केबिन आग की लपटों में घिर गया। बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण नासिर केबिन के अंदर ही जिंदा जल गया। इस भीषण हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसी दौरान सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों ने ट्रक में आग लगी देखी तो वे तुरंत रुक गए। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचने लगे। लोगों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया।
सूचना मिलते ही लाडवा से फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 15 से 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक ट्रक का केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
आग बुझने के बाद जब राहत कार्य शुरू किया गया तो पता चला कि चालक केबिन के अंदर ही फंसा हुआ है। केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था, इसलिए चालक के शव को बाहर निकालना आसान नहीं था।
इसके बाद पुलिस ने दो हाइड्रा मशीनों को मौके पर बुलाया। मशीनों की मदद से ट्रक के केबिन को काटकर और तोड़कर हटाया गया। काफी प्रयासों के बाद चालक के शव को बाहर निकाला जा सका।
ट्रक के पीछे लिखे नंबर के आधार पर ट्रांसपोर्ट कंपनी से संपर्क किया गया और चालक की पहचान की गई। इसके बाद नासिर के परिवार को भी इस हादसे की सूचना दी गई।
खबर मिलते ही नासिर का परिवार गहरे सदमे में आ गया। कुछ ही देर में उसके परिजन और साथी चालक राजेश भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। थाना बाबैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सड़क दुर्घटना का मामला लग रहा है।
पोस्टमॉर्टम के बाद नासिर का शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने गांव में उसका अंतिम संस्कार किया। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
पुलिस ने इस मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई दर्ज की है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रक अचानक कैसे अनियंत्रित हुआ और हादसा कैसे हुआ।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात के समय वाहन चलाते समय सतर्कता की जरूरत को उजागर करती है। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से उनका सहारा छीन लिया और पूरे इलाके को गहरे दुख में डाल दिया।

