
कुरुक्षेत्र में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से तबाही, झुलसी महिला की मौत; कई घायल
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद क्षेत्र के गांव यारा में हुए गैस सिलेंडर विस्फोट ने एक परिवार को गहरे जख्म दे दिए। इस हादसे में झुलसी 24 वर्षीय कोमल की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसके ससुर की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। इस भीषण हादसे में परिवार के कुल सात लोग आग की चपेट में आकर घायल हुए थे।
घटना 18 मार्च की सुबह करीब साढ़े छह बजे की है। उस समय घर की महिला गीता देवी रसोई में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। तभी अचानक गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग ने पूरी रसोई को अपनी गिरफ्त में ले लिया। बताया जा रहा है कि गैस लीक होने के कारण यह विस्फोट हुआ, जिसने कुछ ही क्षणों में पूरे घर को आग की लपटों में घेर लिया।
धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों तक कंपन महसूस हुआ। रसोई की टाइलें टूटकर नीचे गिर गईं और घर की दीवारों में दरारें आ गईं। घर का मुख्य दरवाजा भी विस्फोट के कारण अपनी जगह से उखड़कर दूर जा गिरा। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अन्य सदस्य भी इसकी चपेट में आ गए।
इस हादसे में गीता देवी (52), उनके पति रुपेंद्र कुमार (55), बेटा कर्ण (26), बहू कोमल (24), चार वर्षीय पोती वैष्णवी और 80 वर्षीय बुजुर्ग चरणों देवी गंभीर रूप से झुलस गए। इसके अलावा पड़ोसी गौरव (28) भी आग में फंसे परिवार को बचाने के प्रयास में घायल हो गया।
घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से झुलसी कोमल को बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
वहीं, कोमल के ससुर रुपेंद्र कुमार की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया है। अन्य घायलों का इलाज आदेश अस्पताल मोहड़ी में चल रहा है।
इस घटना में पड़ोसी गौरव की बहादुरी भी सामने आई है, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में घुसकर लोगों को बाहर निकालने में मदद की। हालांकि इस दौरान वह खुद भी झुलस गया, लेकिन उसकी मदद से कई लोगों की जान बच सकी।
घटना के बाद गांव में शोक और डर का माहौल है। स्थानीय लोग इस हादसे से स्तब्ध हैं और गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी इस तरह की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जांच में गैस लीक को मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
यह हादसा हमें यह सिखाता है कि रसोई गैस का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना कितना जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां जैसे गैस पाइप की नियमित जांच, सिलेंडर की स्थिति पर ध्यान और गैस की गंध आने पर तुरंत कार्रवाई करना, बड़े हादसों को रोक सकता है।

