
कुरुक्षेत्र में आधी रात का खौफनाक मंजर: गो तस्करों ने पुलिस पर झोंकी गोलियां, फिल्मी अंदाज में कई किलोमीटर तक चला पीछा
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गो तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही पुलिस टीम पर तस्करों ने सीधे गोलियां चला दीं। अंधेरी सड़क, तेज रफ्तार कैंटर, पुलिस वाहन को कुचलने की कोशिश और फिर दनादन फायरिंग—पूरी घटना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। हालांकि, पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन शातिर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
रात साढ़े 11 बजे मिली खुफिया सूचना
पुलिस के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि शाहाबाद अनाज मंडी इलाके से कुछ लोग एक कैंटर में बेसहारा गाय और बैलों को भरकर अवैध रूप से ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही सीआईए-1 टीम हरकत में आ गई और बाबैन-सुनारिया रोड पर गश्त कर रही टीम को तुरंत अलर्ट किया गया।
पुलिस को अंदेशा था कि तस्कर किसी सुरक्षित रास्ते से निकलने की कोशिश करेंगे, इसलिए संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई।
संदिग्ध कैंटर पर पड़ी नजर
कुछ ही देर में सुनारिया गांव से आगे सड़क पर सामने से आता एक कैंटर पुलिस को दिखाई दिया। कैंटर का पिछला हिस्सा खुला हुआ था, जिससे अंदर भरे गोवंश साफ नजर आ रहे थे। हैरानी की बात यह थी कि वाहन की नंबर प्लेट दिखाई नहीं दे रही थी, जिससे शक और गहरा गया।
पुलिस ने डिपर जलाकर और सायरन बजाकर कैंटर को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय अचानक रफ्तार बढ़ा दी।
पुलिस वाहन को टक्कर मारने की कोशिश
कैंटर चालक ने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए जानबूझकर पुलिस वाहन की ओर कैंटर मोड़ दिया, मानो उसे टक्कर मारकर रास्ता साफ करना चाहता हो। पुलिस चालक ने सतर्कता दिखाते हुए किसी तरह वाहन को बचाया। इस घटना के बाद पुलिस को यकीन हो गया कि मामला सिर्फ तस्करी का नहीं, बल्कि संगठित अपराध का है।
कई किलोमीटर तक चला हाई-स्पीड चेज
इसके बाद पुलिस ने कैंटर का पीछा शुरू कर दिया। सायरन की आवाज, तेज रफ्तार गाड़ियां और सुनसान सड़क—पूरा इलाका कुछ देर के लिए थर्रा उठा। पुलिस ने कैंटर को ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन चालक ने साइड देने से साफ इनकार कर दिया।
इसी दौरान पुलिस ने देखा कि कैंटर के पीछे खड़े दो युवक लगातार पीछे की ओर देख रहे हैं।
पीछा बढ़ा तो चली गोलियां
जब तस्करों को लगा कि पुलिस उनका पीछा छोड़ने वाली नहीं है, तो कैंटर में सवार एक तस्कर ने पिस्तौल निकाल ली और पुलिस वाहन की ओर फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार, दो से तीन राउंड गोलियां चलाई गईं, जो गाड़ी के बेहद करीब से गुजर गईं।
गोलियों की आवाज से हालात और गंभीर हो गए, लेकिन पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई
स्थिति को काबू में करने के लिए एसआई शरणजीत सिंह ने कैंटर को रोकने के इरादे से उसके टायर की दिशा में दो फायर किए। पुलिस का उद्देश्य तस्करों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि वाहन को रोकना था, ताकि गोवंश को सुरक्षित बचाया जा सके।
हालांकि, तेज रफ्तार और अंधेरे की वजह से कैंटर पूरी तरह से रुक नहीं सका।
गांवों की ओर भागे तस्कर
फायरिंग के बाद तस्करों ने कैंटर को संधौर से महुआखेड़ी गांव की ओर मोड़ दिया। ग्रामीण इलाका होने के कारण सड़कें संकरी और रोशनी बेहद कम थी। इसी का फायदा उठाकर तीनों तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।
पुलिस ने मौके पर और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर रात तक कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।
अज्ञात तस्करों पर केस दर्ज
घटना के बाद बाबैन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तस्करों पर आर्म्स एक्ट, हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गो हत्या निषेध अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि यह हमला सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर किया गया है, जिसे गंभीर अपराध माना जा रहा है।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच तेज
फरार आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। इसके अलावा, मोबाइल लोकेशन और पुराने गो तस्करी मामलों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
गो तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि यह मामला किसी बड़े गो तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। हाल के महीनों में हरियाणा में गो तस्करी के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें तस्कर पुलिस पर हमले से भी नहीं हिचक रहे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “आरोपियों ने पुलिस की जान खतरे में डाली है। उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
इलाके में बढ़ी चौकसी
घटना के बाद बाबैन, शाहाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

