
कुराली के पास STF की बदमाशों से मुठभेड़, दो शूटर गिरफ्तार
हरियाणा के करनाल जिले में मंगलवार देर शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम और दो कुख्यात शूटरों के बीच आमना-सामना हो गया। इंद्री रोड पर स्थित कुराली गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान आरोपियों की ओर से की गई फायरिंग में पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

पुलिस के अनुसार, एसटीएफ की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि सोनीपत जिले के डोडवा गांव निवासी आशीष और कपिल करनाल क्षेत्र में मौजूद हैं और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ प्रभारी दीपेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी।
मंगलवार शाम टीम ने कुराली गांव के पास नहर किनारे दोनों बदमाशों की घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, आरोपियों ने खुद को घिरता देख अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की गोलियां पुलिस टीम के बेहद करीब से गुजरीं, जिससे वहां मौजूद एक सिपाही और अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए। स्थिति को भांपते हुए एसटीएफ ने भी जवाबी कार्रवाई की। क्रॉस फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद वे भागने में असफल रहे और पुलिस ने मौके पर ही उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों घायलों को तुरंत करनाल के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि एक आरोपी की हड्डी के पास गोली लगी है, जिसके चलते उसे पूरी तरह ठीक होने में करीब दो महीने का समय लग सकता है। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
डीएसपी अमन कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए दोनों शूटर हाल ही में सोनीपत में हुई फायरिंग की घटना में वांछित थे। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को बहालगढ़ स्थित पहल न्यूट्रिशन शोरूम के बाहर बदमाशों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से गोलियां चलाई थीं और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया था। उसी मामले में एसटीएफ को इनकी तलाश थी।
जांच में सामने आया कि 27 फरवरी की घटना के दिन तीन युवक बाइक पर सवार होकर पहल न्यूट्रिशन शोरूम पहुंचे थे। दो युवक बाहर खड़े रहे, जबकि एक अंदर घुस गया। अंदर मौजूद रिसेप्शनिस्ट रितेश गर्ग को निशाना बनाते हुए आरोपी ने गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन पिस्टल से फायर नहीं हो पाया। खतरा भांपते ही रितेश गर्ग तुरंत कुर्सी छोड़कर पीछे की ओर भाग गए, जिससे उनकी जान बच गई।
इसी दौरान बाहर खड़े दूसरे बदमाश ने शोरूम के शीशे पर गोली चला दी, जिससे शीशा चकनाचूर हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक पर फरार हो गए थे। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें बदमाश हाथों में पिस्टल लहराते हुए खुद को घटना का जिम्मेदार बता रहे थे। वीडियो में उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा था कि यह फायरिंग आशीष मलिक और कपिल कोबरा ने की है और आगे और बड़ी वारदात करने की चेतावनी भी दी थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और भी सतर्क हो गई थी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।
एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल भी बरामद की हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि दोनों शूटर करनाल क्षेत्र में भी किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। हालांकि, समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक नेटवर्क, साथियों और फंडिंग के स्रोतों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या वे किसी बड़े गैंग के इशारे पर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
इस मुठभेड़ के बाद करनाल पुलिस और एसटीएफ की सतर्कता की चर्चा हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और मेडिकल फिट होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।

