
कासगंज में पांच मौतों से दहला गांव, मुखिया ने परिवार खत्म कर खुद दी जान
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। अमांपुर क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर ने हर किसी का कलेजा दहला दिया। पुलिस के मुताबिक, घर के मुखिया ने पहले अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की हत्या की और फिर खुद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। रविवार को जब पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो मातम और चीख-पुकार से माहौल गूंज उठा। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव रो पड़ा।

बंद घर से मिली पांच लाशें
घटना अमांपुर कस्बे में गुप्ता पेट्रोल पंप के पास स्थित एक मकान की है, जहां 50 वर्षीय सत्यवीर अपने परिवार के साथ रहता था। वह गैस वेल्डिंग का काम करता था और पिछले करीब आठ वर्षों से इसी काम से परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। पड़ोसियों के अनुसार, बीते कुछ दिनों से घर के दरवाजे बंद थे और परिवार के लोग दिखाई नहीं दे रहे थे।
शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे पुलिस को सूचना मिली कि घर के अंदर कुछ अनहोनी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मकान अंदर से बंद था। स्थिति को गंभीर देखते हुए अधिकारियों ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया। वीडियोग्राफी के बीच दरवाजा कटवाकर पुलिस जब अंदर पहुंची तो दृश्य बेहद भयावह था।
अलग-अलग जगह मिले शव
पुलिस को घर के अंदर पांच शव मिले। सत्यवीर का शव छत के कुंदे से साड़ी के फंदे पर लटका हुआ था। उसकी पत्नी रामश्री (40) का शव कमरे में पड़ा मिला, जिसके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। वहीं उनकी तीनों संतानों—प्राची (14), आकांक्षा (13) और गिरीश (10)—के मुंह से झाग निकल रहा था। बड़ी बेटी के मुंह से खून भी देखा गया।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि बच्चों को पहले जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद पत्नी की गला रेतकर हत्या की गई और अंत में सत्यवीर ने खुद फंदा लगाकर जान दे दी। यह पूरा घटनाक्रम बेहद सुनियोजित प्रतीत हो रहा है।
आर्थिक तंगी बना संभावित कारण
पुलिस अधिकारियों ने पड़ोसियों और परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि सत्यवीर लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसका वेल्डिंग का काम ठीक से नहीं चल रहा था और परिवार पर खर्च का दबाव बढ़ता जा रहा था। घर की हालत भी उसकी बदहाल आर्थिक स्थिति की गवाही दे रही थी—चूल्हा बुझा पड़ा था और बर्तन भी बहुत कम दिखाई दिए।
कुछ लोगों ने यह भी बताया कि सत्यवीर का बेटा गिरीश काफी समय से बीमार चल रहा था। इलाज के खर्च और काम में गिरावट के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगा था। पुलिस का मानना है कि प्रथम दृष्टया आर्थिक दबाव इस खौफनाक कदम की बड़ी वजह हो सकता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है।
तीन दिन पहले हुई मौतें
अधिकारियों के अनुसार, परिवार की मौतें घटना सामने आने से करीब तीन दिन पहले हो चुकी थीं। घटना से पहले सत्यवीर ने घर के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए थे और एक दरवाजे पर बाहर से ताला भी लगा दिया था, जिससे किसी को शक न हो। बदबू और लंबे समय तक घर बंद रहने के बाद मामला सामने आया।
गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद रविवार को जब पांचों शव अमांपुर क्षेत्र के नगला भोजराज गांव लाए गए तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। शवों को फकौता कंपोजिट विद्यालय के पास एक आम के बाग में रखा गया, जहां देखते ही देखते भारी भीड़ जुट गई। आसपास के फाकोता, टिकुरिया, नगला गुलरिया समेत कई गांवों से लोग पहुंच गए।
परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल था। मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव में ऐसा माहौल था मानो पूरा इलाका शोक में डूब गया हो।
अलग-अलग हुआ अंतिम संस्कार
स्थानीय परंपरा के अनुसार, तीनों बच्चों के शवों को खेत के पास तालाब किनारे जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाया गया। वहीं सत्यवीर और उसकी पत्नी रामश्री का अंतिम संस्कार विधि-विधान से किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान सन्नाटा पसरा रहा और हर चेहरा गमगीन दिखाई दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने पहले कभी इतनी दर्दनाक घटना नहीं देखी। कई लोग बच्चों की तस्वीरें देखकर फूट-फूटकर रो पड़े।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक तंगी मुख्य वजह प्रतीत हो रही है, लेकिन अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
इलाके में पसरा मातम
इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि एक पिता ने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया। गांव में हर जुबान पर यही सवाल है कि आखिर किन हालातों ने उसे इतना मजबूर कर दिया।
फिलहाल गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है और लोग इस त्रासदी को लंबे समय तक याद रखने की बात कह रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम मामले की तह तक जाने में जुटी है, ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।



