
कानपुर सेंट्रल पर तेजस एक्सप्रेस में हड़कंप, फायर अलार्म से यात्रियों में दहशत; भगदड़ जैसी स्थिति में महिला घायल
देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस बुधवार रात कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उस समय चर्चा का केंद्र बन गई, जब उसके एक कोच में अचानक फायर अलार्म बजने लगा। अलार्म की तेज आवाज सुनते ही यात्रियों में आग लगने की आशंका फैल गई और कोच के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी अफरा-तफरी में एक महिला यात्री गिरकर घायल हो गई। बाद में रेलवे ने स्पष्ट किया कि किसी यात्री द्वारा सिगरेट जलाने के कारण अलार्म सक्रिय हुआ था

यह घटना गाड़ी संख्या 82502 तेजस एक्सप्रेस की है, जो नई दिल्ली से लखनऊ जंक्शन जा रही थी। ट्रेन बुधवार रात करीब 8:45 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर रुकी थी। इसी दौरान एसी चेयरकार कोच सी-7 में लगा फायर अलार्म अचानक बज उठा।
अलार्म बजते ही मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अलार्म की आवाज सुनते ही यात्रियों को आग लगने का डर सताने लगा। कई यात्री अपनी सीटें छोड़कर बाहर की ओर भागने लगे। कुछ लोग कोच के दरवाजों की तरफ बढ़े, तो कुछ प्लेटफॉर्म की ओर उतरने की कोशिश करने लगे। अचानक बनी इस अव्यवस्था के कारण कोच के अंदर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति पैदा हो गई।
इसी दौरान सीट नंबर 24 पर बैठी एक महिला यात्री संतुलन खो बैठीं और प्लेटफॉर्म पर गिर गईं, जिससे उन्हें चोट लग गई। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। महिला के बेटे सत्यम मिश्र ने इस पूरी घटना को लेकर रेलवे में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
रेलवे ने दी सफाई
रेलवे और आईआरसीटीसी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि तेजस एक्सप्रेस में अत्याधुनिक फायर अलार्म और स्मोक सेंसर लगे हैं। जांच में यह सामने आया है कि प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के दौरान किसी यात्री ने शौचालय या पास के क्षेत्र में सिगरेट जलाई थी, जिससे धुएं के कारण अलार्म सक्रिय हो गया।
उन्होंने बताया कि अलार्म बजते ही तकनीकी टीम ने उसे बंद कर दिया और संबंधित कोच व शौचालय की पूरी जांच की गई। जांच में किसी प्रकार की आग या तकनीकी खराबी नहीं पाई गई।
धूम्रपान बना परेशानी की वजह
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका असर पूरे कोच और यात्रियों की सुरक्षा पर पड़ता है। इस घटना में भी सिगरेट के धुएं ने न सिर्फ फायर अलार्म को सक्रिय किया, बल्कि यात्रियों की जान को खतरे में डाल दिया।
कार्रवाई की तैयारी
रेलवे प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से उस यात्री की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिसने सिगरेट जलाई थी। पहचान होने पर उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं घायल महिला यात्री की शिकायत को भी गंभीरता से लिया गया है। रेलवे ने आश्वासन दिया है कि आगे इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए यात्रियों को लगातार जागरूक किया जाएगा।
यात्रियों से अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन के अंदर सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें। एक छोटी-सी गलती भी सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है।



