
कानपुर में पुलिसिया लापरवाही के बीच गैंगरेप मामला: आरोपित दारोगा और उसके सरपरस्तों की भूमिका से परिवार में डर का माहौल
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में गैंगरेप की एक दुखद घटना ने अब पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए, जिनमें घटना के संदर्भ में पुलिस की कार्यप्रणाली और आरोपितों की हरकतें साफ दिखाई दे रही हैं। इन वीडियो में आरोपित दारोगा अमित मौर्य पीड़िता और उसके भाई से पूछताछ करता दिख रहा है, जबकि चुपके से किशोरी का वीडियो बनवा रहा है। वीडियो में पीड़िता और उसका भाई डर और सहमन महसूस करते नजर आते हैं, वहीं आरोपी शिवबरन अपने भाई को धमकाते हुए गालियाँ भी दे रहा है।

वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पुलिस कर्मी इस दौरान मूकदर्शक बने रहे। पहले वीडियो में दारोगा अमित कुर्सी पर बैठा हुआ है, जबकि पीड़िता और उसका भाई खड़े हैं। किशोरी का पिता भी पास में बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। दारोगा पूछताछ के दौरान कहता है कि “दिखवा लो, हो सकता है कोई और हो।” दूसरे वीडियो में पीड़िता के भाई ने यू-ट्यूबर शिवबरन को पहचानते हुए कहा कि बहन को खींचने वाला वही था, जिसके बाद आरोपी शिवबरन उसे धमकाता है।
इस मामले में उच्चाधिकारियों ने वायरल वीडियो की जांच के निर्देश दिए हैं। दारोगा अमित मौर्य फिलहाल हाईकोर्ट में अरेस्ट स्टे के तहत है और सोमवार को उसकी सुनवाई होनी है। पुलिस ने चार टीमों को उसके गिरफ्तारी के लिए लगाया है, लेकिन अब तक उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिल पाई है। पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस टीम तैनात की गई है। पीड़िता के भाई ने कहा कि उनकी बहन इस वक्त दहशत में है और वे मुख्यमंत्री योगी से आग्रह करते हैं कि आरोपी दारोगा को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
वीडियो में भीमसेन चौकी पर खड़ी काली रंग की स्कॉर्पियो को देखकर पीड़िता का भाई कहता है कि यह वही गाड़ी थी। दारोगा अमित ने इसके जवाब में कहा कि गाड़ी में काली फिल्म नहीं लगी थी और पिछली रात गाड़ी की तलाशी ली गई थी, लेकिन उसमें बहन नहीं थी। इस पूरे घटनाक्रम में महिला पुलिस कर्मी की अनुपस्थिति ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



