
करनाल में गैस आपूर्ति संकट से हाहाकार: बुकिंग के 15 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर, उपभोक्ता बेहाल
हरियाणा के करनाल जिले में एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर बुक कराने के बावजूद समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। कई मामलों में लोगों को 10 से 15 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। यह समस्या अब आम जनजीवन पर सीधा असर डालने लगी है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है

जिले की कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग अपनी बुकिंग की स्थिति जानने के लिए एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार यही जवाब मिलता है कि अभी उनकी बुकिंग का नंबर नहीं आया है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि वे केवल पुरानी बुकिंग के आधार पर ही सिलिंडर की डिलीवरी कर रहे हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को भी अब तक गैस नहीं मिल पाई है। गीता, संतोष और अर्जुन जैसे कई उपभोक्ताओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्होंने महीने की शुरुआत में ही सिलिंडर बुक कराया था, लेकिन अब तक उन्हें डिलीवरी नहीं मिली। एजेंसियों से संपर्क करने पर उन्हें बार-बार इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है।
करनाल जिले में कुल 42 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, लेकिन उनके पास उपलब्ध सिलिंडरों का स्टॉक बेहद सीमित है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन एजेंसियों के पास कुल 17,525 सिलिंडरों का ही स्टॉक बचा है, जो मौजूदा खपत के हिसाब से केवल दो दिन के लिए पर्याप्त है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि आपूर्ति लगातार जारी है, लेकिन मांग के मुकाबले यह नाकाफी साबित हो रही है।
एक दिन में करीब 8,182 घरेलू और 333 वाणिज्यिक सिलिंडरों की आपूर्ति की गई है। इसके अलावा लगभग 5,211 सिलिंडर ट्रांजिट में हैं, यानी वे एजेंसियों तक पहुंचने की प्रक्रिया में हैं। बावजूद इसके, उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है और उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) मुकेश कुमार ने स्थिति को नियंत्रित बताया है। उनका कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और गैस की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
दूसरी ओर, एलपीजी फेडरेशन के सदस्यों का मानना है कि मौजूदा स्थिति के पीछे एक बड़ा कारण सरकार द्वारा लागू की गई 25 दिन की बुकिंग शर्त है। फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग के अनुसार, इस शर्त के चलते बुकिंग की संख्या नियंत्रित हुई है, वरना लोग जरूरत से ज्यादा सिलिंडर बुक कर लेते और स्थिति और बिगड़ जाती।
उनका कहना है कि यदि यह नियम लागू नहीं होता, तो वर्तमान समय में बुकिंग की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती थी। इससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो जाती और वास्तविक जरूरतमंद लोगों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता।
फिर भी, आम लोगों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है। खासकर मध्यम और निम्न वर्ग के परिवार, जो पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई परिवारों को मजबूरी में वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च और असुविधा दोनों बढ़ रही हैं।
इस बीच प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 0184-2285963 जारी किया है। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के लिए उपभोक्ता इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों का दावा है कि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
यह समस्या केवल करनाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के कई हिस्सों में समय-समय पर देखने को मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन, वितरण प्रणाली की कमजोरियां और कभी-कभी लॉजिस्टिक समस्याएं भी जिम्मेदार होती हैं।
इस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां मिलकर एक मजबूत और पारदर्शी वितरण प्रणाली विकसित करें। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी जिम्मेदारी दिखानी होगी और जरूरत के अनुसार ही सिलिंडर बुक करना होगा।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि करनाल में एलपीजी सिलिंडरों की देरी से हो रही डिलीवरी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यदि समय रहते इसका समाधान नहीं किया गया, तो यह संकट और गहरा सकता है।
जरूरत है कि प्रशासन, एजेंसियां और उपभोक्ता मिलकर इस समस्या का समाधान निकालें, ताकि हर घर तक समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और लोगों को राहत मिल सके।

