
ओलावृष्टि और तेज बारिश से हरियाणा में बदला मौसम, गर्मी से मिली राहत
हरियाणा में रविवार देर रात मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया। दिनभर की तपती गर्मी के बाद रात होते-होते प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस बदलाव ने जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं कई जगहों पर जलभराव और तेज हवाओं के कारण परेशानी भी बढ़ गई।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मौसम बदलने की खबरें सामने आईं। हिसार में देर रात तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश इतनी तीव्र थी कि शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कें पानी से लबालब हो गईं और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी तरह सिरसा और भिवानी में भी बारिश के साथ ओले गिरे, जिसने तापमान को अचानक नीचे ला दिया। फतेहाबाद समेत कई अन्य जिलों में भी रात के समय हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
पिछले दो दिनों से हरियाणा के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी तेज धूप और उमस भरी गर्मी तो कभी अचानक आंधी और बारिश—इस तरह के बदलाव ने मौसम को अस्थिर बना दिया है। हालांकि इस अस्थिरता के बीच सबसे बड़ी राहत तापमान में आई गिरावट रही है। कई जिलों में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है। जींद में करीब 6 डिग्री और हिसार में लगभग 5.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इस बदलाव ने लोगों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है, खासकर उन इलाकों में जहां पिछले कुछ दिनों से गर्मी का प्रकोप अधिक था।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो अम्बाला में लगभग 3 मिमी, नारनोल में 5.5 मिमी, गुरुग्राम में 2 मिमी और यमुनानगर में करीब 29 मिमी वर्षा दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर धूलभरी आंधी चली और कुछ समय के लिए अंधेरा जैसा माहौल बन गया।
भारतीय मौसम विभाग ने इस बदलते मौसम को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। विभाग ने 4 और 5 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है, जिसमें तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान हवा की गति तेज रह सकती है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मई का महीना सामान्य से अलग व्यवहार कर रहा है। आमतौर पर इस समय तक हरियाणा में भीषण गर्मी और लू का असर शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बार-बार बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिक डा. चन्द्र मोहन के अनुसार, पूरे मई महीने में 7 से 8 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रह सकते हैं, जो समय-समय पर बारिश और तेज हवाओं का कारण बनेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि मई के दूसरे पखवाड़े में तापमान में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय गर्मी बढ़ेगी और तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है, जबकि रात के तापमान में अपेक्षाकृत कमी बनी रह सकती है। इसके अलावा, मई के अंत में आने वाला ‘नौतपा’ भी गर्मी को चरम पर पहुंचा सकता है। यह अवधि 25 मई से 2 जून के बीच रहती है, जिसमें तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
फिलहाल, मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों के लिए राहत लेकर आया है। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण दिन और रात दोनों समय मौसम सुहावना महसूस हो रहा है। हालांकि, ओलावृष्टि के कारण कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
इस बीच, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें। तेज आंधी और बारिश के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश के कारण दृश्यता कम हो सकती है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में मौसम का यह बदलाव एक ओर जहां गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सतर्कता की भी मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसम की संभावना जताई जा रही है, ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देते हुए जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

