
ऑटो में बैठी महिलाएं बनीं शातिर चोर, सास-दामाद का गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे
आगरा में सफर के दौरान महिलाओं को निशाना बनाकर गहने चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है। थाना एकता क्षेत्र की पुलिस ने सास, उसके ऑटो चालक दामाद और एक अन्य महिला को गिरफ्तार किया है। तीनों मिलकर ऑटो में सवार महिला यात्रियों को बातों में उलझाकर उनके गहने गायब कर देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 77,600 रुपये बरामद किए हैं, जो चोरी के गहने बेचकर हासिल किए गए थे। अदालत ने तीनों को जेल भेज दिया है।

यह मामला 28 जनवरी की घटना से जुड़ा है। कहरई निवासी विनीता ने 5 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी सगी बहन के साथ देवरी रोड जाने के लिए ऑटो में बैठी थीं। ऑटो में पहले से तीन महिलाएं मौजूद थीं। चालक ने उन्हें अलग-अलग सीटों पर बैठाया—एक बहन को पीछे और दूसरी को अपने पास आगे की सीट पर।
रास्ते में पीछे बैठी महिलाओं में से एक ने बातचीत शुरू की और विनीता की बहन से कहा कि उसकी चेन खुली हुई है और गिर सकती है। एहतियात के तौर पर बहन ने अपनी सोने की चेन और पेंडल उतारकर पर्स में रख लिया। आरोप है कि इसी दौरान शातिर महिलाओं ने पर्स से गहने निकाल लिए। थोड़ी दूर जाकर चालक ने दोनों बहनों को उतार दिया और बिना किराया लिए तेजी से निकल गया।
घर पहुंचने पर जब पर्स चेक किया गया तो चेन और पेंडल गायब थे। इसके बाद पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध ऑटो की पहचान की। जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई एक संगठित गिरोह की ओर घूम गई।
सोमवार को चेकिंग अभियान के दौरान गुतिला के पास से पुलिस ने ऑटो चालक उल्हास को पकड़ लिया। वह शाहगंज के नगला खुशहाली का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपनी सास और एक अन्य महिला के साथ मिलकर चोरी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने दोनों महिलाओं को भी हिरासत में ले लिया। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। महिलाएं पहले से ऑटो में बैठ जाती थीं ताकि नए यात्रियों को शक न हो। फिर बातचीत के दौरान गहनों को लेकर डर या भ्रम की स्थिति पैदा की जाती थी। जैसे ही पीड़िता अपने गहने पर्स में रखती, मौका देखकर उन्हें निकाल लिया जाता। वारदात के बाद चालक बीच रास्ते में उतारकर फरार हो जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह उनकी पहली वारदात नहीं थी। आरोपियों ने राजस्थान के भरतपुर जिले के मथुरा गेट क्षेत्र में भी इसी तरह की चोरी करना स्वीकार किया है। पुलिस अब अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है और संबंधित जिलों से संपर्क साधा जा रहा है।
बरामद 77,600 रुपये चोरी के गहनों की बिक्री से मिले थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गहने किन लोगों या दुकानों को बेचे गए। इस कड़ी में सर्राफा बाजार के कुछ कारोबारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
थाना प्रभारी ने बताया कि गिरोह खासतौर पर महिला यात्रियों को निशाना बनाता था, क्योंकि उनके साथ महिलाओं की मौजूदगी से शक की संभावना कम रहती थी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक वाहनों में सफर करते समय सतर्क रहें और कीमती गहनों को खुले में न रखें।
फिलहाल तीनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है। इस गिरफ्तारी को शहर में सक्रिय ऐसे गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।



