उत्तर प्रदेश

इटावा में ‘इज्जत’ के शक ने ली छात्र की जान, CRPF जवान पर हत्या का आरोप

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। रेलवे ट्रैक के किनारे बोरी में मिले छात्र के क्षत-विक्षत शव ने पहले ही लोगों को झकझोर दिया था, लेकिन अब पुलिस जांच में जो सच सामने आया है, वह और भी भयावह है। जांच में खुलासा हुआ कि छात्र मनीष यादव की हत्या कथित प्रेम संबंध के शक में की गई थी, और इस साजिश के केंद्र में एक सीआरपीएफ जवान बताया जा रहा है।

रेलवे ट्रैक किनारे मिला था शव

घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब इकदिल क्षेत्र के चितभवन रेलवे ट्रैक के पास एक प्लास्टिक की बोरी संदिग्ध हालत में पड़ी मिली। स्थानीय लोगों ने जब इसकी सूचना पुलिस को दी और बोरी खोली गई, तो अंदर एक युवक का शव मिला, जो बुरी तरह क्षत-विक्षत था। शव की हालत देखकर शुरुआत में इसे ट्रेन हादसा समझा गया, लेकिन बोरी में पैक होने की वजह से पुलिस को हत्या की आशंका हुई।

शव की पहचान मनीष यादव नाम के छात्र के रूप में हुई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने तुरंत इसे हत्या बताते हुए पुलिस से गहन जांच की मांग की।

‘परिवार की इज्जत’ के शक ने रची साजिश

पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अभिषेक यादव केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में ट्रेनिंग पर तैनात है और छुट्टी लेकर इटावा आया हुआ था। उसे शक था कि मनीष उसकी बहन से बातचीत करता है और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो सकता है।

बताया जा रहा है कि आरोपी की बहन स्वयं पुलिस विभाग में सिपाही है। इसी कथित रिश्ते और ‘परिवार की इज्जत’ के शक ने आरोपी को इतना उकसाया कि उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मनीिष को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

अपहरण के बाद की गई बेरहम हत्या

पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी को अभिषेक अपने दो साथियों के साथ छुट्टी के दौरान इटावा पहुंचा। तीनों ने मिलकर योजना बनाई और मनीष को बहाने से बुलाकर उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद 18 फरवरी को उसे गोली मारकर हत्या कर दी गई।

हत्या यहीं तक सीमित नहीं रही। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को हादसा दिखाने के लिए शव के साथ बेहद क्रूरता की। पहले सिर को धड़ से अलग किया गया, फिर पैर काटे गए, ताकि पहचान मुश्किल हो सके और मामला ट्रेन दुर्घटना जैसा लगे। इसके बाद शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया।

जब ट्रेन उस ट्रैक से गुजरी तो शव और भी क्षत-विक्षत हो गया, जिससे शुरुआती तौर पर हादसे का भ्रम पैदा हुआ। लेकिन बोरी की मौजूदगी ने पुलिस को हत्या की दिशा में जांच करने पर मजबूर कर दिया।

पोस्टमार्टम और एक्स-रे से खुला राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन परिजन रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद पांच डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। इसी दौरान एक्स-रे जांच में शव से गोली बरामद हुई, जिससे साफ हो गया कि मनीष की मौत ट्रेन से कटने से नहीं बल्कि गोली मारकर की गई थी।

यही वह अहम सुराग था, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी और पुलिस को हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद मिली।

तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

पुलिस टीम ने मामले की तह तक जाने के लिए मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच में मनीष के संपर्क और आखिरी लोकेशन के आधार पर शक की सुई अभिषेक और उसके साथियों की ओर घूम गई।

कड़ी पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दीपक नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर पूरी साजिश का खुलासा हुआ। हालांकि मुख्य आरोपी अभिषेक यादव और उसका एक अन्य साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

फरार आरोपियों की तलाश में दबिश

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में ठोस सबूत जुटा लिए गए हैं और कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।

गुमशुदगी से हत्या तक की पूरी टाइमलाइन

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मनीष के लापता होने पर 18 फरवरी को भरथना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। उसी दिन उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई है। यानी जिस दिन परिवार उसे खोज रहा था, उसी दिन आरोपियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया था।

इलाके में दहशत, परिवार में मातम

इस निर्मम हत्याकांड ने पूरे इटावा क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं मनीष के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

फिर सामने आया ‘इज्जत’ के नाम पर अपराध का चेहरा

यह घटना एक बार फिर उस कड़वी सच्चाई को सामने लाती है कि कथित ‘परिवार की इज्जत’ के नाम पर लोग किस हद तक जा सकते हैं। महज शक के आधार पर एक छात्र की बेरहमी से हत्या कर देना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं इस घटना ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक मानसिकता दोनों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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