
अंबाला में भैंस चोरी का विरोध करना पड़ा भारी: पशुपालक की धारदार हथियारों से हत्या, भागते समय बदमाशों की गाड़ी पलटी
हरियाणा के Ambala जिले के एक गांव में भैंस चोरी की कोशिश ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। देर रात पशु चोरी करने आए बदमाशों ने विरोध करने पर एक पशुपालक की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने तेजधार हथियारों से कई वार किए, जिससे पशुपालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।

यह वारदात अंबाला के कालपी गांव में वीरवार देर रात हुई। बताया जा रहा है कि बदमाश पिकअप वाहन में सवार होकर गांव में पहुंचे थे और पशुओं को चोरी करने की योजना बनाकर आए थे। लेकिन जब पशुपालक ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने हमला कर दिया।
रात में पशुओं की रखवाली कर रहा था जय दयाल
मृतक की पहचान 52 वर्षीय जय दयाल के रूप में हुई है, जो कालपी गांव का रहने वाला था। जय दयाल पशुपालन से अपना जीवनयापन करता था और उसके पास कई भैंसें थीं।
गांव में पशु चोरी की घटनाओं को देखते हुए वह अक्सर रात में अपने पशुओं की खुद ही निगरानी करता था। घटना वाली रात भी वह अपने घर के पास बने पशुबाड़े में पशुओं की देखभाल कर रहा था।
पिकअप में आए नकाबपोश बदमाश
बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े 12 बजे के आसपास कुछ बदमाश पिकअप गाड़ी में सवार होकर गांव में पहुंचे। उनके चेहरे कपड़े से ढके हुए थे।
बदमाशों ने चुपचाप पशुबाड़े के पास पहुंचकर भैंसों को खोलने की कोशिश शुरू कर दी। उनका इरादा पशुओं को गाड़ी में लादकर फरार होने का था।
आहट सुनकर बाहर आया पशुपालक
जब बदमाश भैंसों को खोलने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान जय दयाल को उनकी आहट सुनाई दी। वह तुरंत बाहर आया और देखा कि कुछ लोग उसके पशुओं को ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
जय दयाल ने तुरंत शोर मचाया और बदमाशों को रोकने का प्रयास किया।
गंडासियों से किया हमला
विरोध होते ही बदमाश बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने अपने पास मौजूद गंडासियों और अन्य धारदार हथियारों से जय दयाल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमलावरों ने उसके सिर और शरीर पर कई वार किए। इस हमले में जय दयाल गंभीर रूप से घायल हो गया और जमीन पर गिर पड़ा।
बचाने पहुंचे बुजुर्ग भी हुए घायल
जय दयाल की चीखें सुनकर पास में रहने वाले 65 वर्षीय रामरत्न भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बदमाशों को रोकने की कोशिश की।
लेकिन बदमाशों ने उन पर भी हमला कर दिया और उन्हें घायल कर दिया। रामरत्न को गंभीर चोटें आईं, हालांकि वह किसी तरह जान बचाकर पीछे हट गए।
अत्यधिक खून बहने से हुई मौत
जय दयाल पर किए गए हमले बेहद घातक थे। उसके शरीर से काफी खून बह चुका था।
गंभीर चोटों के कारण उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
भागते समय पलटी बदमाशों की गाड़ी
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश वहां से भागने लगे। लेकिन भागते समय उनकी पिकअप गाड़ी ब्राह्मण माजरा मोड़ के पास नेशनल हाईवे पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।
गाड़ी पलटने के बावजूद बदमाश मौके से फरार हो गए। अंधेरे का फायदा उठाकर वे खेतों की तरफ भाग निकले।
पुलिस ने गाड़ी को लिया कब्जे में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बदमाशों की पलटी हुई गाड़ी को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस वाहन से उन्हें आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और कई अहम साक्ष्य एकत्र किए।
इसके अलावा पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि बदमाशों के बारे में कोई सुराग मिल सके।
डीएसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएसपी बराड़ा Suresh Sharma भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस टीम को आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
डीएसपी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने मृतक जय दयाल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए Civil Hospital Ambala Cantt भेज दिया है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
गांव में आक्रोश और भय
इस घटना के बाद कालपी गांव में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि पशु चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अब अपराधी हत्या जैसे जघन्य अपराध करने से भी नहीं डर रहे।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में भी पुलिस को सतर्क कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए दुखद है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती पशु चोरी की घटनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इन अपराधों पर सख्ती नहीं की गई तो ऐसे हादसे दोबारा भी हो सकते हैं।

