
होटल के कमरे में चल रहा था जुए का खेल, पुलिस की दबिश से मचा हड़कंप; तीन आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने रेलवे रोड स्थित एक नामी होटल में छापा मारकर वहां चल रहे जुआ खेलने के रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन लोगों को मौके से गिरफ्तार किया है और उनके पास से भारी मात्रा में नकदी और ताश के पत्ते बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, उन्हें एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि ओयो रॉयल रेजीडेंसी होटल के कमरा नंबर 102 में कुछ लोग पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में हवलदार प्रदीप और सिपाही राहुल को शामिल किया गया, जिन्हें कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई।
टीम ने बिना समय गंवाए होटल की ओर रुख किया और वहां पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। कमरे के बाहर पहुंचने पर पुलिस को अंदर से बातचीत और पैसों के लेन-देन की आवाजें सुनाई दीं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अंदर अवैध गतिविधि चल रही है।
इसके बाद पुलिस ने अचानक कमरे में प्रवेश कर छापेमारी की। अंदर का दृश्य देखकर पुलिस को यकीन हो गया कि यहां जुआ खेला जा रहा था। तीन व्यक्ति ताश के पत्तों के साथ बैठे हुए थे और 500-500 रुपये की बाजी लगा रहे थे।
जैसे ही पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई, तीनों आरोपियों ने घबराकर ताश के पत्ते फेंकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत काबू में कर लिया। आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने मौके पर ही आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें उनके पास से 24 हजार 300 रुपये की नकदी बरामद हुई। इसके अलावा 156 ताश के पत्ते भी जब्त किए गए। पुलिस ने सभी बरामद सामान को सील कर अपने कब्जे में ले लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पारस ठुकराल, रजत खत्री और गौरव के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में केवल तीन लोगों की गिरफ्तारी ही अंत नहीं है, बल्कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह एक संगठित रैकेट है। इसके अलावा होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
अगर यह पाया जाता है कि होटल के कर्मचारियों या प्रबंधन को इस गतिविधि की जानकारी थी या उन्होंने इसमें सहयोग किया, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग पुलिस की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां समाज के लिए हानिकारक होती हैं और इन पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह रैकेट कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।
आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस अवैध नेटवर्क की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

