
हिसार में मातम में बदली शाम: सिरसा रोड पर काल बनकर आया ट्राला, बाइक सवार मां–बेटे की दर्दनाक मौत, चंद सेकेंड में उजड़ा पूरा परिवार
हरियाणा के हिसार में सोमवार की शाम एक ऐसा भयावह मंजर देखने को मिला, जिसने सड़क पर मौजूद हर शख्स की रूह तक को हिला दिया। सिरसा रोड पर तेजा मार्केट के पास एक मामूली सी लापरवाही और खराब सड़क ने मां–बेटे की जिंदगी छीन ली। बाइक सवार युवक अपनी मां के साथ जा रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। कुछ ही पलों में खुशहाल परिवार मातम में बदल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क के किनारे बिखरे छोटे-छोटे पत्थर इस हादसे की सबसे बड़ी वजह बने। जैसे ही बाइक इन पत्थरों पर चढ़ी, उसका संतुलन बिगड़ गया। युवक संभल पाता, उससे पहले ही बाइक आगे चल रहे भारी ट्राले में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मां और बेटा सड़क पर गिर पड़े और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतक युवक की पहचान 23 वर्षीय हिमांशु के रूप में हुई है। वह अपनी मां के साथ बाइक से कहीं जा रहा था। लोग बताते हैं कि दोनों बेहद सामान्य रफ्तार से चल रहे थे और किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं थे। लेकिन सड़क पर फैले पत्थरों ने पलभर में सब कुछ खत्म कर दिया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। राहगीर दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हादसा इतना भयानक था कि सड़क पर खून बिखर गया और बाइक के परखच्चे उड़ गए। मां और बेटे की लाशें सड़क पर पड़ी थीं और उन्हें देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह पास जाकर कुछ कर सके। हर कोई बस यही कह रहा था—“अगर सड़क साफ होती, तो आज दो जिंदगियां बच सकती थीं।”
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेर लिया। शवों को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। जैसे ही हादसे की खबर परिजनों तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां और बेटे की एक साथ मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि सिरसा रोड पर लंबे समय से सड़क की हालत बदहाल है। कई जगहों पर निर्माण कार्य के बाद पत्थर और मलबा यूं ही छोड़ दिया गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क मौत का रास्ता बन चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्राला अपनी लेन में चल रहा था और चालक ने अचानक कोई ब्रेक नहीं लगाया। बाइक ही अनियंत्रित होकर सीधे ट्राले से जा टकराई। हादसे के बाद ट्राला चालक घबरा गया और कुछ दूरी पर वाहन रोककर खड़ा हो गया। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह सड़क पर पड़े पत्थरों से बाइक का फिसलना प्रतीत हो रहा है। हालांकि, हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का नतीजा भी है। हर दिन हजारों लोग इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत और सफाई को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती। नतीजा यह होता है कि निर्दोष लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं और परिवार जीवनभर का दर्द झेलने को मजबूर हो जाता है।
हिसार में मां–बेटे की यह दर्दनाक मौत हर किसी के लिए एक चेतावनी है। सवाल यह है कि आखिर कब तक खराब सड़कों, भारी वाहनों और प्रशासनिक लापरवाही की कीमत आम लोग अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे? अगर समय रहते सड़क की सफाई और मरम्मत की जाती, तो शायद आज हिमांशु और उसकी मां जिंदा होते।
फिलहाल इलाके में शोक का माहौल है। लोग इस हादसे को याद कर सिहर उठते हैं। एक पल की चूक और व्यवस्था की लापरवाही ने दो जिंदगियों को लील लिया और एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया।

