
हरियाणा की राजनीति में हलचल, पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप के घर ED की लंबी कार्रवाई
फरीदाबाद। हरियाणा की राजनीति गुरुवार को उस समय गरमा गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह के आवास पर तड़के छापेमारी की। सैनिक कॉलोनी स्थित उनके घर पर सुबह करीब 6 बजे ईडी की टीम पैरामिलिट्री फोर्स के साथ पहुंची और कई घंटों तक अंदर गहन जांच करती रही।

सूत्रों के मुताबिक चार गाड़ियों में पहुंची ईडी की टीम में लगभग 15 से 17 अधिकारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान परिवार के सभी सदस्यों को घर के भीतर ही रहने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों के लेनदेन, कंप्यूटर और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की गहन जांच की। यह सर्च ऑपरेशन लगातार 16 घंटे से अधिक समय तक चला, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई।
समर्थकों की भीड़ और नारेबाज़ी
जैसे ही ईडी की कार्रवाई की खबर फैली, वैसे ही कांग्रेस समर्थक धीरे-धीरे पूर्व मंत्री के आवास के बाहर जमा होने लगे। स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया। इस दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ नारेबाज़ी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। देर रात तक ईडी की टीम घर के अंदर मौजूद रही और कांग्रेस कार्यकर्ता बाहर डटे रहे।
पांच बार विधायक, दो बार मंत्री
चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह हरियाणा की राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं। वे अब तक नौ बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और पांच बार विधायक चुने गए। वर्ष 1991 से 1996 तक वे चौधरी भजनलाल सरकार में मंत्री रहे, जबकि 2009 से 2014 के बीच भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में भी कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। ईडी की कार्रवाई को उनकी घोषित संपत्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि एजेंसी की ओर से किसी विशेष मामले को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों का कहना है कि ईडी की जांच केवल आवास तक सीमित नहीं रही, बल्कि सैनिक कॉलोनी स्थित उनके कार्यालय में भी दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
विपक्ष का आरोप – राजनीतिक बदले की कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व सांसद अवतार भड़ाना ने कहा कि ईडी को छापेमारी में कुछ भी हासिल नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि महेंद्र प्रताप सिंह ने अपना पूरा जीवन जनसेवा में लगाया है और मौजूदा सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को परेशान कर रही है। उन्होंने इसे देश की राजनीति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से पटरी से उतर चुका है।
सियासी संदेश या जांच की अगली कड़ी?
ईडी की इस लंबी कार्रवाई के बाद हरियाणा की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जहां एक ओर एजेंसी की जांच को कानून का हिस्सा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ईडी की जांच आगे किस दिशा में जाती है और क्या इस मामले में कोई बड़ा खुलासा सामने आता है।

