
सीएम योगी पर टिप्पणी को लेकर मौलाना सलीम के खिलाफ गुस्सा, लखनऊ में लगे पोस्टर; फांसी की मांग तेज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की मां को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध तेज हो गया है। राजधानी Lucknow में हिंदूवादी संगठनों और आम लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। शहर के कई इलाकों में मौलाना के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें उनकी गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। कुछ पोस्टरों में तो उन्हें फांसी देने की मांग तक लिखी गई है।

जानकारी के मुताबिक मौलाना द्वारा मुख्यमंत्री की मां के खिलाफ की गई टिप्पणी के बाद से प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लखनऊ में वीवीआईपी गेस्ट हाउस, नगर निगम कार्यालय, अलीगंज, आलमबाग, गोमतीनगर और कई अन्य प्रमुख स्थानों पर विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए लोगों ने मौलाना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन से जल्द गिरफ्तारी की अपील की है।
हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि या उसके परिवार के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना पूरी तरह से अनुचित है। उनका कहना है कि मौलाना ने जो टिप्पणी की है, उससे समाज में तनाव पैदा हो सकता है। इसी कारण कई संगठनों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अब तक 120 से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। बलरामपुर, बलिया, अलीगढ़ समेत कई जिलों में छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, भाजपा पदाधिकारियों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस थानों में शिकायतें दी हैं। इन शिकायतों में कहा गया है कि मौलाना की टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है बल्कि इससे समाज में नफरत और विवाद भी फैल सकता है।
इस मामले को लेकर बुधवार को लखनऊ में बड़े प्रदर्शन की तैयारी भी की जा रही है। कई संगठनों ने ऐलान किया है कि वे सड़कों पर उतरकर मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। पुलिस और प्रशासन भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
इधर वाराणसी में भी इस मामले को लेकर लोगों का गुस्सा देखने को मिला। Varanasi में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मौलाना का पुतला जलाकर विरोध जताया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कठोर बयान भी दिए और मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियां किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
लखनऊ के अटल चौराहे पर भी युवाओं ने मौलाना के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से मांग की कि मौलाना को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि ऐसे बयान समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करते हैं और इससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
दरअसल यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में मौलाना अब्दुल्ला सलीम उत्तर प्रदेश में गोकशी को लेकर बने सख्त कानूनों की आलोचना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो सामने आने के बाद से ही यह मामला तूल पकड़ता चला गया।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने मौलाना के बयान की निंदा की और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इस तरह के विवादित बयान देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से पहले कई बार सोचे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बयान किस कार्यक्रम में और किस संदर्भ में दिया गया था। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी अपील की गई है कि लोग इस मुद्दे पर कानून को अपने हाथ में न लें और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें। पुलिस का कहना है कि यदि किसी को इस मामले में आपत्ति है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करा सकता है।
फिलहाल मौलाना अब्दुल्ला सलीम का बयान और उसके बाद प्रदेश भर में उठे विरोध ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों की दिशा पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।



