
शादी से इनकार पर हैवानियत, ब्लेड से हमला कर युवती को किया लहूलुहान
कानपुर के नजीराबाद इलाके में एकतरफा प्यार की सनक ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया। शादी से मना करने पर एक युवक ने युवती पर सर्जिकल ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया। बीच सड़क हुए इस हमले में युवती के चेहरे और दोनों हाथों पर गहरे जख्म आए हैं और डॉक्टरों को करीब 32 टांके लगाने पड़े। आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जिसके बाद कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस को आरोपी के मोबाइल से धमकी भरी चैट भी मिली है, जिससे उसके इरादों की पुष्टि होती है।

यह सनसनीखेज घटना बुधवार शाम भदौरिया चौराहे के पास हुई। पीड़ित युवती रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रही थी। रास्ते में अचानक एक युवक ने उसे रोक लिया। यह युवक काफी समय से उसे परेशान कर रहा था और जबरन दोस्ती का दबाव बना रहा था। आरोपी की पहचान काकादेव क्षेत्र के लोहारनभट्ठा निवासी गोलू के रूप में हुई है, जो पास की एक एल्युमीनियम दुकान में काम करता है।
पीड़िता के अनुसार, उसने पहले ही आरोपी को स्पष्ट कर दिया था कि उसकी शादी 7 फरवरी को हरदोई में तय हो चुकी है और वह उससे किसी भी तरह का संबंध नहीं रखना चाहती। युवती का यह साफ इनकार आरोपी को बर्दाश्त नहीं हुआ। वह लगातार उससे संपर्क करने की कोशिश करता रहा और मना करने पर धमकियां देने लगा। आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल और मैसेज कर युवती को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह युवती के इनकार से बेहद गुस्से में था। उसने बताया कि बुधवार को जब युवती ने फिर से उससे बात करने से मना किया, तो उसने उसे सबक सिखाने की ठान ली। इसी इरादे से वह सर्जिकल ब्लेड लेकर भदौरिया चौराहे पहुंचा और मौका देखते ही हमला कर दिया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसका इरादा युवती का गला काटने का था।
घटना के समय आरोपी ने युवती को रोककर रेस्टोरेंट चलने के लिए कहा। जब युवती ने विरोध किया और वहां से जाने की कोशिश की, तो आरोपी ने अचानक ब्लेड निकालकर गले पर वार किया। युवती ने खुद को बचाने के लिए हाथ आगे कर दिए, जिससे ब्लेड उसके गाल और दोनों हाथों पर लग गया। कुछ ही पलों में युवती खून से लथपथ हो गई और सड़क पर चीखने लगी।
युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। खुद को घिरता देख आरोपी वहां से भागने लगा, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। गुस्साई भीड़ ने आरोपी की जमकर पिटाई की और फिर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और घायल युवती को तुरंत अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने युवती की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक युवती के चेहरे और हाथों पर गहरे घाव थे, जिनमें कुल 32 टांके लगाने पड़े। डॉक्टरों ने बताया कि अगर ब्लेड का वार थोड़ा भी गहरा होता, तो युवती की जान को खतरा हो सकता था। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन मानसिक आघात काफी गहरा है।
पीड़ित युवती ने पुलिस को दी गई तहरीर में अपने परिवार की स्थिति भी बताई है। उसने बताया कि उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक छोटी बहन हैं। पिता और भाई ठेला लगाकर परिवार का गुजारा करते हैं, जबकि वह और उसकी मां घरों में काम करती हैं। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और लंबे समय से आरोपी की हरकतों से डरा हुआ था।
युवती की मां और छोटी बहन ने पुलिस को बताया कि आरोपी न सिर्फ युवती बल्कि पूरे परिवार को धमका रहा था। वह मोबाइल पर गाली-गलौज करता था और डराने वाले संदेश भेजता था। इन सभी मैसेज और कॉल रिकॉर्ड्स को परिवार ने पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने जब आरोपी का मोबाइल खंगाला, तो उसमें कई धमकी भरी चैट्स मिलीं, जिनमें वह युवती को नुकसान पहुंचाने की बात कर रहा था।
नजीराबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजकेसर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि एकतरफा प्रेम किस तरह हिंसा का रूप ले सकता है। शादी से इनकार करना किसी भी महिला का व्यक्तिगत और कानूनी अधिकार है, लेकिन कुछ लोग इसे अपनी जिद और अहंकार से जोड़कर अपराध की राह पर चल पड़ते हैं। इस घटना में समय रहते लोगों की सतर्कता और पुलिस की कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।
फिलहाल पीड़ित युवती अस्पताल में इलाज करा रही है और उसका परिवार आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और कोर्ट में मजबूत पैरवी की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।



