
शादी के नाम पर भरोसा तोड़ा, युवती से दुष्कर्म और जबरन गर्भपात का आरोप
गुरुग्राम के सेक्टर-57 इलाके से सामने आया एक मामला रिश्तों में भरोसे के नाम पर किए गए अपराध की गंभीर तस्वीर पेश करता है। यहां एक युवक पर आरोप है कि उसने शादी का वादा कर एक युवती को अपने जाल में फंसाया, लंबे समय तक उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराया और बाद में जान से मारने की धमकी देकर शादी से इनकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता 24 वर्षीय युवती है, जो मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली है। वह रोजगार के सिलसिले में गुरुग्राम आई थी और सेक्टर-57 क्षेत्र में किराए पर रह रही थी। युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि फरवरी 2025 में उसकी मुलाकात मुंबई निवासी आकाश यादव से हुई थी। शुरुआती बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को गंभीर और जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में पेश किया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोस्ती प्यार में बदल गई।
युवती का आरोप है कि आरोपी ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और भविष्य में साथ रहने के बड़े-बड़े सपने दिखाए। इन्हीं वादों पर विश्वास कर उसने आरोपी के साथ संबंध बनाए। शिकायत के मुताबिक, फरवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच आरोपी ने कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि वह हर बार शादी के भरोसे चुप रही और आरोपी के व्यवहार को सहती रही।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस दौरान आरोपी केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी उसे प्रताड़ित करता था। छोटी-छोटी बातों पर अपमान, धमकी और दबाव बनाना आरोपी की आदत बन गई थी। इसके बावजूद युवती को उम्मीद थी कि शादी के बाद सब ठीक हो जाएगा।
हालांकि, हालात उस समय और बिगड़ गए जब युवती गर्भवती हो गई। पीड़िता के अनुसार, गर्भ की जानकारी मिलते ही आरोपी का रवैया पूरी तरह बदल गया। जहां पहले वह शादी की बात करता था, वहीं अब उसने जिम्मेदारी से बचने की कोशिश शुरू कर दी। आरोपी ने युवती पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया और साफ कह दिया कि वह अभी शादी नहीं करना चाहता।
युवती ने जब गर्भपात से इनकार किया और शादी की बात दोहराई, तो आरोपी ने उस पर जबरदस्ती की। शिकायत में आरोप है कि युवक ने बिना उसकी मर्जी के उसका गर्भपात करा दिया। इस घटना ने युवती को अंदर से तोड़ दिया और वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई।
पीड़िता का कहना है कि गर्भपात के बाद भी आरोपी का व्यवहार और हिंसक हो गया। जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उसने उसे जान से मारने की धमकी दी और किसी को भी इस बारे में बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
डर और सामाजिक बदनामी के कारण युवती काफी समय तक चुप रही। लेकिन लगातार मिल रही धमकियों और न्याय की उम्मीद में उसने आखिरकार पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-56 थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 (शादी का झांसा देकर यौन शोषण), धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), धारा 88 (जबरन गर्भपात) और धारा 351(3) (जान से मारने की धमकी) के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को कठोर सजा का प्रावधान है।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है, लेकिन उसकी तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके।
यह मामला समाज में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की गंभीरता को एक बार फिर उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शादी का झांसा देकर यौन शोषण करना एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में पीड़िताओं को डरने के बजाय कानून का सहारा लेना चाहिए। पुलिस ने भी महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह के शोषण की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
फिलहाल, पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल एक युवती के साथ हुए अन्याय की कहानी है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि भरोसे और रिश्तों की आड़ में होने वाले अपराधों को किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।



