
लौटा पहला पति, 25 साल बाद बदली कहानी
बिजनौर के नहटौर कस्बे से सामने आई एक अनोखी और चौंकाने वाली घटना ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पंजाब के कपूरथला जिले का रहने वाला एक व्यक्ति, जो करीब 25 साल पहले अचानक लापता हो गया था, अब जीवित अवस्था में मिल गया है। इस अप्रत्याशित वापसी ने जहां परिवार में खुशी की लहर दौड़ा दी है, वहीं उसकी पत्नी और पूरे परिवार के सामने एक जटिल स्थिति भी खड़ी कर दी है।

इस कहानी के केंद्र में हैं हंसा सिंह, जो शादी के कुछ ही समय बाद रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए थे। उस वक्त उनकी शादी को लगभग दो साल हुए थे। परिवार ने उन्हें ढूंढने की हर संभव कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतता गया और तीन साल तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया। इसके बाद सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनकी पत्नी विमला देवी की शादी उनके छोटे भाई सुखा सिंह से कर दी गई।
वक्त के साथ सब कुछ सामान्य हो गया। विमला देवी ने अपने देवर के साथ नया जीवन शुरू किया और धीरे-धीरे परिवार की जिम्मेदारियों में रम गईं। इस रिश्ते से उन्हें तीन बच्चे हुए, जिनमें से एक बेटी की शादी भी हो चुकी है। पिछले 22 सालों से यह परिवार एक नई व्यवस्था में जी रहा था और जिंदगी अपने ढर्रे पर चल रही थी।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। तीन दिन पहले नहटौर के नया बाजार में एक अधेड़ व्यक्ति फटे-पुराने कपड़ों में और असामान्य हालत में घूमता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों को उसकी हालत संदिग्ध लगी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने उस व्यक्ति को अपने पास लाकर पूछताछ शुरू की।
शुरुआत में वह ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उसने अपना नाम हंसा सिंह बताया और पंजाब के कपूरथला जिले के एक गांव का जिक्र किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी पहचान की पुष्टि के लिए जांच शुरू की। गूगल सर्च, पंजाबी भाषा जानने वालों की मदद और पंजाब पुलिस से संपर्क के जरिए जानकारी जुटाई गई।
लगातार प्रयासों के बाद करीब 72 घंटे में पुलिस उस व्यक्ति के परिवार तक पहुंच गई। जब हंसा सिंह के भाई और गांव के सरपंच नहटौर पहुंचे, तो शुरुआत में वे उसे पहचान नहीं पाए। लेकिन जब हंसा ने अपने बचपन की बातें, परिवार के सदस्यों के नाम और पुराने किस्से बताए, तो सभी को यकीन हो गया कि वह वही है, जो वर्षों पहले लापता हो गया था। यह पल बेहद भावुक था और परिवार के लोगों की आंखों में आंसू आ गए।
हालांकि इस खुशी के साथ एक बड़ी उलझन भी सामने आ गई। हंसा सिंह की पत्नी विमला देवी, जो अब उनके छोटे भाई की पत्नी के रूप में जीवन बिता रही हैं, उनके सामने अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक तरफ उनका पहला पति है, जो 25 साल बाद वापस लौटा है, और दूसरी तरफ वह व्यक्ति है, जिसके साथ उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बिता दी और जिनसे उनके बच्चे हैं।
इस स्थिति ने पूरे परिवार को असमंजस में डाल दिया है। कानूनी रूप से भी यह मामला काफी पेचीदा हो सकता है, क्योंकि इतने लंबे समय बाद लौटे पहले पति और वर्तमान वैवाहिक संबंध के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है। समाज और कानून दोनों के स्तर पर इस मामले के कई पहलुओं पर विचार किया जाना जरूरी है।
इस पूरी घटना में पुलिस की भूमिका भी सराहनीय रही है। जिस व्यक्ति को लोग एक सामान्य भिखारी समझ रहे थे, पुलिस ने उसे गंभीरता से लिया, उसकी देखभाल की और उसकी पहचान स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास किया। पुलिस ने उसे साफ-सुथरा किया, नए कपड़े दिए और धैर्यपूर्वक उसकी बातों को समझा।
हंसा सिंह की मां ने जब अपने बेटे की आवाज सुनी, तो वह भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा इतने सालों बाद जिंदा मिल गया है। उनके लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
फिलहाल हंसा सिंह अपने परिजनों के साथ पंजाब लौट चुके हैं, लेकिन पीछे छोड़ गए हैं एक ऐसा सवाल, जिसका जवाब आसान नहीं है। यह घटना यह दर्शाती है कि जिंदगी कभी भी अप्रत्याशित मोड़ ले सकती है, और ऐसे में रिश्तों और भावनाओं की परीक्षा हो जाती है।
अब यह देखना बाकी है कि यह परिवार इस जटिल स्थिति से कैसे बाहर निकलता है और भविष्य में क्या फैसला लिया जाता है।



