
लुधियाना में बैंक घोटाले का खुलासा: एसबीआई की महिला कर्मचारी पर 37 लाख के गबन का आरोप, एटीएम छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया
पंजाब के लुधियाना में बैंकिंग व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक महिला कर्मचारी पर बैंक से लाखों रुपये के गबन का आरोप लगा है। आरोप है कि महिला ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के खातों से करीब 37 लाख रुपये से अधिक की राशि हड़प ली। मामले का खुलासा बैंक की आंतरिक जांच के दौरान हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अमनदीप कौर के रूप में हुई है, जो लुधियाना के दुगरी इलाके स्थित ग्लाडा हाइट्स की रहने वाली है। वह वर्ष 2023 से लुधियाना में एसबीआई की शिंगार सिनेमा रोड शाखा में सीनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात थी। बैंक के महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यों तक उसकी पहुंच होने के कारण उसने कथित तौर पर इस व्यवस्था का फायदा उठाकर बड़ी रकम का गबन किया।
मामले का खुलासा अगस्त 2025 में उस समय हुआ जब शाखा के तत्कालीन मैनेजर रविंदर सिंह नियमित रूप से होने वाली वित्तीय जांच के तहत बैंक की जनरल लेजर डे बुक का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान 25 अगस्त की एक एंट्री में डेढ़ लाख रुपये की नकद निकासी दिखाई दी। यह एंट्री बैंक के रिकॉर्ड में दर्ज तो थी, लेकिन इसके साथ कोई वैध वाउचर या अनुमति दस्तावेज मौजूद नहीं था।
यह देखकर बैंक मैनेजर को संदेह हुआ। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य दिनों के रिकॉर्ड की भी जांच शुरू की। जब पिछले कुछ दिनों की एंट्रियों को खंगाला गया तो 4 अगस्त, 11 अगस्त और 19 अगस्त को भी इसी तरह की कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आईं। इन सभी मामलों में बैंक के खातों से रकम डेबिट की गई थी, लेकिन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
जांच आगे बढ़ने पर मामला और गंभीर होता चला गया। बैंक प्रबंधन को जब शक गहराया तो इसकी सूचना तुरंत क्षेत्रीय कार्यालय को दी गई। इसके बाद बैंक की आंतरिक ऑडिट टीम को जांच के लिए नियुक्त किया गया। विस्तृत जांच में यह सामने आया कि अमनदीप कौर ने बैंक के इंटरनल चार्जेज खातों से पैसे निकालने के लिए सिस्टम का दुरुपयोग किया।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार उसने पहले बैंक के खातों से रकम डेबिट की और उसे सिस्टम के सस्पेंस अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद बिना किसी वैध बिल, वाउचर या अनुमति के वह नकद राशि निकाल लेती थी। इस तरह धीरे-धीरे उसने बैंक के खातों से बड़ी रकम हड़प ली।
बैंक की जांच में कुल 37 लाख 78 हजार 707 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। यह रकम कई ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद थाना डिवीजन नंबर-3 की पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत के आधार पर आरोपी अमनदीप कौर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस घोटाले में किसी अन्य कर्मचारी की भी भूमिका रही है।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बैंकिंग सिस्टम में समय-समय पर ऑडिट और निगरानी न की जाए तो इस तरह की वित्तीय अनियमितताएं लंबे समय तक सामने नहीं आ पातीं।
इसी बीच लुधियाना में एसबीआई से जुड़ा एक और बड़ा मामला सामने आया है। इसमें बैंक के एटीएम मशीनों के साथ तकनीकी छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगा है। इस मामले में शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित करीब 119 एटीएम मशीनों को निशाना बनाया गया।
इस संबंध में एसबीआई की ट्रेजरी शाखा के मैनेजर अविनाश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने शहर के विभिन्न एटीएम बूथों पर जाकर मशीनों के सिस्टम के साथ तकनीकी छेड़छाड़ की।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने बेहद चालाकी से एटीएम मशीनों के सॉफ्टवेयर या तकनीकी प्रणाली के साथ खिलवाड़ किया। इसका मकसद अवैध तरीके से मशीनों से नकदी निकालना या बैंक के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना था।
जब बैंक अधिकारियों को इस तकनीकी गड़बड़ी का संदेह हुआ तो उन्होंने इसकी आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान कई एटीएम मशीनों में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले। इसके बाद बैंक ने इस मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया।
शुरुआत में इस मामले में कार्रवाई धीमी रही, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लुधियाना की सेशन कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
अदालत के आदेश के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस बैंक से प्राप्त तकनीकी रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन डेटा की जांच कर रही है।
इसके अलावा जिन 119 एटीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन एटीएम बूथों पर किन-किन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध थीं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह किसी पेशेवर गिरोह का काम हो सकता है, जो तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर बैंकिंग सिस्टम को निशाना बनाता है। यदि ऐसा है तो यह मामला केवल एक शहर तक सीमित नहीं हो सकता।
इसलिए जांच एजेंसियां इस मामले को व्यापक स्तर पर देख रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि एटीएम छेड़छाड़ के पीछे कोई संगठित साइबर अपराध गिरोह हो सकता है।
लुधियाना में सामने आए इन दोनों मामलों ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। एक तरफ जहां बैंक की कर्मचारी पर करोड़ों के गबन का आरोप लगा है, वहीं दूसरी ओर एटीएम मशीनों के साथ तकनीकी छेड़छाड़ की घटना भी सामने आई है।
पुलिस और बैंक अधिकारी दोनों ही मामलों की जांच में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


