
रोहतक में बैंक कर्मियों को बनाया बंधक, सरपंच बताने वाले युवक ने पिस्तौल तानकर दी जान से मारने की धमकी
रोहतक जिले के रिठाल नरवाल गांव में लोन रिकवरी के लिए गई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की टीम के साथ गंभीर वारदात सामने आई है। बैंक कर्मियों को न केवल बंधक बनाया गया, बल्कि खुद को गांव का सरपंच बताने वाले एक युवक ने पिस्तौल तानकर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

एसबीआई भालौठ शाखा के प्रबंधक नवीन मोर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 जनवरी को वह अपने सहकर्मी प्रवीन कुमार और सौरभ शर्मा के साथ रिठाल नरवाल गांव पहुंचे थे। वे गांव निवासी मंजीत से बकाया लोन की रिकवरी के लिए गए थे। मंजीत ने कंबाइन मशीन खरीदी थी, जिसकी करीब 1.38 लाख रुपये की किस्त बकाया चल रही है।
बैंक टीम जब मंजीत के घर पहुंची तो उसकी मां ने बताया कि मंजीत घेर में गया हुआ है। इसके बाद तीनों कर्मचारी उसे तलाश करते हुए घेर पहुंचे। वहां मंजीत के साथ छह से सात अन्य युवक मौजूद थे। लोन की बकाया राशि को लेकर बातचीत शुरू ही हुई थी कि तभी मोहित नाम का एक युवक वहां आया और खुद को गांव का सरपंच बताने लगा।
आरोप है कि मोहित ने आते ही गाली-गलौच शुरू कर दी और बैंक कर्मियों को धमकाने लगा। कुछ ही देर में स्थिति और बिगड़ गई। आरोपी ने अपने साथियों को निर्देश दिया कि बैंक की टीम को कहीं जाने न दिया जाए। इसके बाद तीनों बैंक कर्मियों को एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया गया।
शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद मोहित दोबारा वहां लौटा। इस बार उसके हाथ में देशी पिस्तौल थी। उसने पिस्तौल कॉक करते हुए बैंक कर्मियों को जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उसके कुछ साथी बीच-बचाव कर माहौल शांत करने की कोशिश करते रहे, लेकिन आरोपी का गुस्सा कम नहीं हुआ।
डर और तनाव के माहौल में बैंक कर्मचारी जान बचाने की गुहार लगाते रहे। थोड़ी देर बाद आरोपी ने दोबारा धमकी देते हुए तीनों बैंक कर्मियों को कमरे से बाहर खदेड़ दिया। जाते-जाते उसने चेतावनी दी कि अगर वे दोबारा गांव में रिकवरी के लिए आए, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
घटना के बाद बैंक प्रबंधक ने सदर थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। दिनदहाड़े हथियार दिखाकर धमकाना और सरकारी बैंक के कर्मचारियों को बंधक बनाना एक गंभीर अपराध है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

