
रोहतक में देर रात हमला: पंजाब के मजदूरों को बनाया निशाना, नकदी लूटी और मशीनों में की तोड़फोड़
हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब देर रात कुछ हथियारबंद युवकों ने पंजाब से आए मजदूरों पर हमला कर दिया। इस घटना में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमलावर न केवल मारपीट कर फरार हो गए, बल्कि जाते-जाते दो लाख रुपये की नकदी भी लूट ले गए और मौके पर खड़ी कंबाइन मशीन, बाइक और स्कूटी को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया।

मिली जानकारी के अनुसार, घायल युवक पंजाब के पटियाला जिले से संबंध रखते हैं। उनकी पहचान मनिंदर सिंह, फौजी और हरदीप सिंह के रूप में हुई है। ये तीनों पिछले कुछ सालों से हरियाणा के विभिन्न गांवों में गेहूं की कटाई के मौसम में कंबाइन मशीन के जरिए काम करने आते हैं। इस बार भी वे रोहतक के मोखरा गांव में एक किसान के खेतों में फसल काटने के लिए पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को जब ये युवक गांव के बसाना रोड स्थित खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे, तभी गांव के कुछ युवक ट्रैक्टर में सवार होकर वहां पहुंचे। इन लोगों ने कंबाइन मशीन को रुकवाया और वहां मौजूद किसान के परिवार के सदस्यों के साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।
इस दौरान आरोप है कि गांव के कुछ युवकों ने किसान के बेटे और बेटी के साथ भी हाथापाई की, जिससे वे घायल हो गए। मौके पर मौजूद मनिंदर और उसके साथियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। लेकिन यह शांति ज्यादा देर तक नहीं रही।
पीड़ितों के अनुसार, रात करीब दो बजे जब वे किसान के घर में सो रहे थे, तभी अचानक 10 से 12 युवक दीवार कूदकर घर के अंदर घुस आए। उनके हाथों में कुल्हाड़ी, फरसा, गंडासी और लोहे की रॉड जैसे खतरनाक हथियार थे। बिना किसी चेतावनी के उन्होंने सो रहे मजदूरों पर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने तीनों युवकों को निशाना बनाते हुए उनके हाथों और पैरों पर कई वार किए। अचानक हुए इस हमले से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और दर्द से कराहने लगे। हमलावरों ने यहीं नहीं रुके, बल्कि घर के बाहर खड़ी कंबाइन मशीन, बाइक और स्कूटी को भी तोड़फोड़ कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जाते-जाते वे करीब दो लाख रुपये की नकदी भी अपने साथ ले गए, जो मजदूरों की मेहनत की कमाई बताई जा रही है। इस पूरी घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और ग्रामीणों में भी डर का माहौल देखने को मिला।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल तीनों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
घायल मनिंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले तीन सालों से मोखरा गांव में आकर काम कर रहा है और पहले कभी इस तरह की घटना नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि हमलावर वही लोग हैं, जिनसे शाम को खेत में विवाद हुआ था। मनिंदर ने पुलिस को कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं, जिन पर इस हमले में शामिल होने का शक है।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। बहुअकबरपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बाहर से आकर काम करने वाले मजदूर कितने सुरक्षित हैं। अक्सर देखा जाता है कि ये मजदूर स्थानीय विवादों का शिकार बन जाते हैं और उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस तरह की हिंसक घटनाएं नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सोचे।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटना न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि यह समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसा की प्रवृत्ति को भी दर्शाती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि छोटी-सी कहासुनी या विवाद किस तरह बड़े अपराध का रूप ले सकता है। जरूरत है कि समाज में आपसी समझ और शांति बनाए रखने के प्रयास किए जाएं, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

