
रोहतक के सांपला में पुलिस मुठभेड़: भाऊ गैंग से जुड़ा शूटर मोहन गिरफ्तार, जवाबी फायरिंग में दोनों पैरों में लगी गोली
हरियाणा के रोहतक जिले में सांपला क्षेत्र के मेरठ रोड पर गुरुवार तड़के पुलिस और एक कुख्यात गैंग से जुड़े बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। सीआईए-प्रथम की टीम ने कार्रवाई करते हुए हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग के शूटर मोहन को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में काबू कर अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव गाद्दी निवासी मोहन के रूप में हुई है। वह लंबे समय से वांछित चल रहा था और गैंगवार से जुड़े मामलों में उसका नाम सामने आया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सक्रिय गैंग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
सीआईए-प्रथम प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप कादियान ने बताया कि उनकी टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि भाऊ गैंग से जुड़ा शूटर मोहन सांपला के पास मेरठ रोड पर मौजूद है और अपने साथियों का इंतजार कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की। संदिग्ध को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
बताया गया कि आरोपी ने पुलिस टीम पर चार राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान एक गोली सीआईए टीम के एएसआई विनोद की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जैकेट होने के कारण वे सुरक्षित बच गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत काबू में लेकर हथियार बरामद किए।
घायल मोहन को रोहतक के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि उससे गैंग की गतिविधियों, हथियारों की आपूर्ति और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
जांच में सामने आया है कि मोहन का नाम 21 दिसंबर को रिटौली गांव में हुई फायरिंग की घटना में भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार 2021 से रिटौली क्षेत्र में भाऊ गैंग और अंकित उर्फ बाबा गैंग के बीच वर्चस्व को लेकर गैंगवार चल रही है। अंकित फिलहाल जेल में बंद है, जबकि भाऊ विदेश में रहकर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है।
21 दिसंबर की घटना में बताया गया था कि अंकित के भाई सन्नी की गांव के बाहर स्थित एक शराब ठेके में हिस्सेदारी है। उसी दिन सन्नी अपने साथियों के साथ ट्रक से शराब उतरवा रहा था, तभी कार सवार युवकों ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में भाऊ गैंग का एक सदस्य मारा गया था और दो अन्य घायल हुए थे। सन्नी इस हमले में बच गया था, लेकिन उसका एक साथी घायल हुआ था।
पुलिस जांच में मोहन की भूमिका सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा था। कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह हाथ नहीं आया। अब सांपला में हुई मुठभेड़ के बाद उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में गैंगवार और संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी के अन्य साथी आसपास मौजूद थे या नहीं। साथ ही, उसके आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
फिलहाल मोहन का उपचार जारी है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करने की तैयारी में है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से गैंगवार से जुड़े कई मामलों की परतें खुल सकती हैं और क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

