
रेलवे ट्रैक पर खत्म हुई जिंदगी: परिवार पालने वाला मनोज उठा गया खौफनाक कदम
रेवाड़ी शहर में शुक्रवार की सुबह एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। खलीलपुर और कुंभावास रेलवे स्टेशन के बीच एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोगों के लिए उस दृश्य को देख पाना भी मुश्किल हो गया।

मृतक की पहचान मनोज के रूप में हुई है, जो रेवाड़ी के मुक्तिवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले थे। वह एक साधारण व्यक्ति थे, जो शहर की एक दुकान पर काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी जिंदगी आम थी, लेकिन जिम्मेदारियों से भरी हुई थी। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए वह रोजाना मेहनत करते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि उनके मन में क्या चल रहा था।
सुबह करीब 6 बजे जीआरपी पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली-जयपुर रानी खेत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों की मदद से मृतक की पहचान मनोज के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मनोज ने खुद ही ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की। हालांकि, इस कदम के पीछे के कारणों का अभी तक कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि आखिर किन परिस्थितियों ने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
घटना की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस व्यक्ति ने वर्षों तक अपने परिवार के लिए मेहनत की, उसी के अचानक इस तरह चले जाने से घर की खुशियां एक पल में खत्म हो गईं।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और बाद में परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने श्मशान घाट समिति की गाड़ी के माध्यम से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर संकेत है कि मानसिक दबाव और परेशानियां किस तरह एक व्यक्ति को अंदर ही अंदर तोड़ देती हैं।

