
राहगीरों की सूझबूझ से टला अपहरण
दिल्ली के बाहरी इलाके में एक नौंवी कक्षा की छात्रा के अपहरण की कोशिश को लोगों की बहादुरी ने नाकाम कर दिया। कार सवार बदमाश छात्रा को जबरन उठाकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन छात्रा की हिम्मत और राहगीरों की तत्परता देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

यह घटना रोहिणी सेक्टर 28 के पास स्थित बस स्टॉप की है, जो शाहबाद डेरी थाना क्षेत्र में आता है। वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बस स्टॉप पर इंतजार कर रही थी छात्रा
पुलिस के अनुसार, करीब 15 वर्षीय छात्रा अपने परिवार के साथ रोहिणी सेक्टर-28 में रहती है और पास के एक निजी स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा है। शुक्रवार को वह रोज की तरह ट्यूशन जाने के लिए घर से निकली थी। घर के नजदीक बस स्टॉप पर खड़ी होकर वह बस का इंतजार कर रही थी।
इसी दौरान एक कार में सवार होकर कुछ युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि कार में बैठे युवकों ने पहले छात्रा के साथ अश्लील हरकतें कीं और उसे परेशान करने लगे। छात्रा ने तुरंत विरोध जताया, लेकिन बदमाशों के हौसले बढ़ते चले गए।
जबरन कार में खींचने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विरोध के बाद आरोपियों ने छात्रा को जबरन कार में बैठाने की कोशिश की। इस दौरान एक बदमाश ने छात्रा का सिर कार के बोनट पर जोर से दे मारा। अचानक हुए हमले से छात्रा घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
छात्रा ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत सतर्क हो गए और बदमाशों की ओर बढ़ने लगे। लोगों की भीड़ जुटती देख आरोपियों के होश उड़ गए।
लोगों की एकजुटता से भागे आरोपी
राहगीरों की सक्रियता इस मामले में निर्णायक साबित हुई। जैसे ही लोग बदमाशों को पकड़ने के लिए आगे बढ़े, आरोपियों ने छात्रा को छोड़ दिया और कार में बैठकर तेजी से मौके से फरार हो गए। यदि कुछ सेकंड और देरी होती, तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी।
मौके पर मौजूद लोगों ने छात्रा को संभाला और उसका हौसला बढ़ाया। कुछ देर बाद छात्रा घर पहुंची और पूरी घटना अपने परिवार को बताई। इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
पोक्सो समेत कई धाराओं में केस
पीड़िता की शिकायत के आधार पर शाहबाद डेरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और अपहरण के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रा पहले आरोपियों को नहीं जानती थी, जिससे यह मामला पूरी तरह से अज्ञात बदमाशों द्वारा की गई वारदात माना जा रहा है।
सीसीटीवी से खंगाली जा रही कड़ी
पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फुटेज के आधार पर आरोपियों के भागने की दिशा का पता लगाया जा रहा है। छात्रा ने पुलिस को कार का नंबर भी बताया है, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कार नंबर के आधार पर पुलिस वाहन मालिक तक पहुंच गई है। हालांकि, घटना के समय कार चला रहा व्यक्ति वहां नहीं मिला। पुलिस अब वाहन मालिक और उसके परिचितों से पूछताछ कर रही है।
चार दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं
घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान लगभग स्पष्ट हो चुकी है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
क्राइम टीम और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
इलाके में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद रोहिणी और आसपास के क्षेत्रों में अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल और ट्यूशन के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कहा है कि इस घटना में सबसे सकारात्मक पहलू राहगीरों की बहादुरी रही, जिन्होंने तमाशबीन बनने के बजाय तुरंत हस्तक्षेप किया। उनकी सतर्कता से एक बड़ी वारदात टल गई।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास आरोपियों या कार के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में तुरंत शोर मचाने की सलाह दी गई है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सामूहिक सतर्कता से बड़े अपराधों को रोका जा सकता है। छात्रा की हिम्मत और राहगीरों की एकजुटता ने संभावित अपहरण की इस साजिश को नाकाम कर दिया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अब भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।



