
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में छात्र की संदिग्ध आत्महत्या: हॉस्टल कमरे में मिला शव, तेलंगाना से था संबंध
हरियाणा के शिक्षा नगर कहे जाने वाले कुरुक्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां स्थित प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र (NIT) में पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे परिसर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच में जुट गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र मूल रूप से तेलंगाना का निवासी था और संस्थान में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग शाखा में अध्ययन कर रहा था। बताया जा रहा है कि छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में अकेला था। जब उसके साथ रहने वाले अन्य छात्र दोपहर के समय लौटे, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया गया। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर साथियों को आशंका हुई।
स्थिति को गंभीर समझते हुए छात्रों ने तुरंत हॉस्टल प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो छात्र का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद छात्र और कर्मचारी स्तब्ध रह गए। तुरंत पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इस कारण आत्महत्या के पीछे के कारणों को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। पुलिस छात्र के मोबाइल फोन, लैपटॉप और निजी सामान की जांच कर रही है ताकि किसी प्रकार के मानसिक दबाव, शैक्षणिक तनाव या निजी कारणों का पता लगाया जा सके।
संस्थान प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच में सहयोग देने की बात कही है। अधिकारियों ने बताया कि छात्र पढ़ाई में सामान्य रूप से सक्रिय था और हाल के दिनों में उसके व्यवहार में कोई बड़ा बदलाव सामने नहीं आया था। हालांकि सहपाठियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उसकी मानसिक स्थिति के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।
घटना के बाद संस्थान परिसर में शोक का माहौल है। कई छात्रों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के दबाव और प्रतिस्पर्धा के माहौल में छात्रों की मानसिक सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। छात्रों का मानना है कि कॉलेजों में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिवार के सदस्य हरियाणा पहुंच रहे हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों पर पढ़ाई, करियर और भविष्य को लेकर भारी दबाव रहता है। कई बार यह दबाव मानसिक तनाव का रूप ले लेता है, जिससे छात्र अवसाद की स्थिति में पहुंच सकते हैं। ऐसे मामलों में समय पर संवाद, सहयोग और मानसिक सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। संस्थान प्रशासन ने भी छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत रहने और किसी भी समस्या में तुरंत मदद लेने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर गंभीर चर्चा की जरूरत को उजागर करती है।

