
रघुनाथ धर्मशाला में मिला सुपरवाइजर का शव, दो दिन से था लापता—मौत पर उठे सवाल
फतेहाबाद की रघुनाथ धर्मशाला में रविवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब यहां कार्यरत एक सुपरवाइजर का शव परिसर के अंदर संदिग्ध हालात में मिला। मृतक की पहचान हरीश उर्फ काला गांधी के रूप में हुई है, जो पिछले दो दिनों से लापता बताया जा रहा था। इस घटना के बाद न केवल धर्मशाला प्रबंधन बल्कि आसपास के लोग भी हैरान और भयभीत हैं।

बताया जा रहा है कि हरीश लंबे समय से धर्मशाला में अपनी सेवाएं दे रहा था और करीब 25 वर्षों से यहां सुपरवाइजर के पद पर तैनात था। बीते दो दिनों से अचानक उसके गायब होने से कर्मचारियों को चिंता होने लगी थी। कई बार फोन मिलाने के बावजूद जब उसका कोई जवाब नहीं मिला, तो मामला और गंभीर हो गया।
रविवार को शक गहराने पर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची बस स्टैंड चौकी पुलिस ने जांच शुरू की और जब मुख्य गेट बंद मिला तो ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। अंदर जाते ही पोर्च के पास हरीश का शव पड़ा मिला, जिसे देखकर सभी दंग रह गए। शव की हालत से अंदेशा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत एक दिन पहले ही हो चुकी थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीन ऑफ क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है और हर एंगल से जांच कर रही है।
शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम के जरिए मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। बस स्टैंड चौकी प्रभारी सतीश ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह मामला हत्या का है, आत्महत्या का या फिर कोई हादसा।
धर्मशाला के प्रधान टेकचंद मिढा के अनुसार, हरीश ने कुछ दिन पहले रानियां जाने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद वह संपर्क में नहीं आया। रविवार को भी कई बार कॉल की गई, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद कर्मचारियों ने अंदर जाकर देखा तो उसका शव पड़ा मिला।
पुलिस अब धर्मशाला में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि आखिरी बार हरीश को कब और किस हालत में देखा गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।

