
यूपी में मौसम का यू-टर्न, बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव से बदलेगा मिजाज
उत्तर प्रदेश में सर्दी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश के लोग कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और गिरते तापमान का सामना कर रहे थे, लेकिन अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के कारण प्रदेश में बारिश का एक लंबा दौर शुरू होने वाला है। इसका असर न सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखेगा, बल्कि धीरे-धीरे पूर्वी हिस्सों तक भी पहुंचेगा। इस बदलाव के चलते जहां ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं मौसम की अनिश्चितता लोगों को चौंकाती रहेगी।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत हो सकती है। यह बारिश एक-दो दिन की नहीं, बल्कि करीब 5 से 6 दिन तक चलने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर रुक-रुक कर वर्षा देखने को मिलेगी। बादलों की आवाजाही और हवा की दिशा में बदलाव के कारण तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
बीते रविवार देर रात राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक हुई हल्की बारिश ने लोगों को हैरानी में डाल दिया। खास बात यह रही कि इस बारिश का कोई स्पष्ट पूर्वानुमान पहले नहीं था। इसके अगले ही दिन सोमवार को मौसम ने बिल्कुल अलग रंग दिखाया। दिन निकलते ही तेज धूप खिली और तापमान तेजी से बढ़ गया। हालात ऐसे हो गए कि दिन के समय लोग जैकेट और स्वेटर उतारने को मजबूर हो गए। इस अचानक बदलाव ने यह साफ कर दिया कि मौसम अब स्थिर नहीं रहने वाला।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा की दिशा में बड़ा परिवर्तन हो रहा है। अभी तक प्रदेश में पूर्वा हवाएं चल रही थीं, लेकिन अब उनका रुख धीरे-धीरे पछुआ की ओर हो रहा है। हवा की इस दिशा परिवर्तन और बादलों की मौजूदगी की वजह से प्रदेश के कई इलाकों में बीते 24 घंटों के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में औसतन 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
कोहरे की स्थिति में भी बदलाव आया है। जहां कुछ दिन पहले तक घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा था, वहीं अब उसके घनत्व में कमी आई है। दृश्यता में सुधार हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात को भी राहत मिली है। कोहरे में कमी और तापमान में बढ़ोतरी के चलते ठंड का असर फिलहाल कम महसूस किया जा रहा है।
दिन के अधिकतम तापमान में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ गया है। यही कारण है कि दिन के समय ठंड लगभग गायब-सी हो गई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत स्थायी नहीं है। जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी द्रोणी पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी, वैसे-वैसे इसका असर कमजोर पड़ेगा। इसके बाद हवा की दिशा में फिर से बदलाव हो सकता है, जिससे अगले 48 घंटों में तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बावजूद तापमान सामान्य के आसपास ही बने रहने के आसार हैं।
प्रदेश के न्यूनतम तापमान की बात करें तो बुलंदशहर सबसे ठंडा जिला रिकॉर्ड किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा मुरादाबाद में 6.8 डिग्री, मुजफ्फरनगर में 6.9 डिग्री, नजीबाबाद में 7 डिग्री और बरेली में 7.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ में मौसम का बदलाव सबसे ज्यादा चौंकाने वाला रहा। यहां महज दो दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री से बढ़कर 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान भी 20.9 डिग्री से उछलकर 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम में आए इस अचानक उछाल ने आम लोगों को असमंजस में डाल दिया है। शनिवार को लखनऊ में इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया था, लेकिन सिर्फ दो दिन में ही तापमान में 7 डिग्री से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 48 घंटों में राजधानी में न्यूनतम तापमान में करीब 7.2 डिग्री और अधिकतम तापमान में लगभग 5.5 डिग्री की वृद्धि हुई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। वहीं 22 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुरू होने वाली बारिश का असर 23 और 24 जनवरी को लखनऊ और आसपास के इलाकों तक पहुंच सकता है। राजधानी में इन दिनों हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। सोमवार को लखनऊ में रविवार देर रात 0.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो आने वाले बदलाव का संकेत मानी जा रही है।
बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण फिलहाल प्रदेश में ठंड से मिली राहत बने रहने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। बदलते मौसम का असर खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। ऐसे में दिन-रात के तापमान के अंतर को ध्यान में रखते हुए सतर्कता जरूरी है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह बदला-बदला रूप देखने को मिलेगा। कभी धूप, कभी बादल और फिर बारिश—इन सबके बीच तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। जहां एक ओर यह बदलाव ठंड से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर मौसम की अनिश्चितता लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करती रहेगी।



