
यूपी में ठंड का जोर पड़ेगा धीमा, 15 जनवरी से तापमान में बढ़ोतरी के संकेत; सुबह-सुबह घना कोहरा बढ़ाएगा मुश्किल
उत्तर प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 15 जनवरी से प्रदेश के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से पाले और शीतलहर का प्रभाव कम होने की उम्मीद है, हालांकि इसके साथ ही कई जिलों में घने कोहरे की समस्या बढ़ सकती है।

बीते कुछ दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया, जिससे शीतलहर का प्रकोप देखने को मिला। मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में ठंड ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अब हालात में धीरे-धीरे सुधार होने वाला है।
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के चलते अगले पांच से छह दिनों में न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है। इसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर का असर कमजोर पड़ जाएगा।
हालांकि ठंड से राहत के साथ कोहरा नई चुनौती बन सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा और कुछ स्थानों पर दृश्यता बेहद कम हो सकती है। दिन निकलने के बाद कोहरा छंटने से मौसम साफ रहने की संभावना है। 19 जनवरी के आसपास पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा ठंड
मौसम विभाग के अनुसार मेरठ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अयोध्या में 3.5 डिग्री और मुजफ्फरनगर में 4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
बुधवार सुबह कई जिलों में कोहरे के कारण दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। बरेली, गाजियाबाद और सहारनपुर में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जबकि शाहजहांपुर, मुरादाबाद, नजीबाबाद और बिजनौर में भी बेहद कम दृश्यता दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कोहरे का असर और बढ़ सकता है, ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।



