
मौत बनकर दौड़ा बेकाबू कंटेनर: मिर्जापुर हाईवे पर दर्दनाक टक्कर, दो चालकों की गई जान, दो भाई जिंदगी से जूझ रहे
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक भयावह सड़क हादसे ने देर रात की शांति को चीख-पुकार में बदल दिया। रीवा–मिर्जापुर हाईवे पर स्थित ड्रमंडगंज घाटी के खतरनाक मोड़ पर दो कंटेनरों की जोरदार टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की वजह कंटेनर का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है, जिसने कुछ ही सेकंड में सब कुछ बदल दिया।

यह दुर्घटना ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बड़का मोड़ पर शनिवार रात करीब 10 बजे हुई। यह इलाका अपनी तीखी ढलान और घुमावदार मोड़ों के कारण पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, रामपुर जिले के मिलक क्षेत्र के निवासी अरविंद कुमार (36) अपने साथी चालक लालता यादव (50) के साथ कोल्ड ड्रिंक से भरा कंटेनर लेकर रीवा की ओर से मिर्जापुर की दिशा में जा रहे थे।
जब उनका भारी वाहन घाटी के ढलान वाले हिस्से में पहुंचा, तभी अचानक ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। तेज रफ्तार और ढलान के कारण कंटेनर पर नियंत्रण रखना बेहद मुश्किल हो गया। चालक ने वाहन को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका और कंटेनर तेजी से आगे बढ़ता चला गया।
इसी दौरान सामने एक अन्य कंटेनर चल रहा था। नियंत्रण खो चुके वाहन ने पीछे से आगे वाले कंटेनर में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। टक्कर के प्रभाव से पीछे वाले कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और केबिन में बैठे दोनों चालक बुरी तरह फंस गए।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि कुछ पल के लिए हर कोई सन्न रह गया। जब तक लोग संभल पाते और मदद के लिए आगे आते, तब तक अरविंद कुमार और लालता यादव की सांसें थम चुकी थीं। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस हादसे की चपेट में दो और लोग भी आ गए, जो उसी समय वहां से गुजर रहे थे। भदोही जिले के ऊंज क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी सगे भाई अजय और विजय अपनी बाइक से यात्रा कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे में उनकी बाइक कंटेनरों के बीच फंस गई और वे सड़क पर गिर पड़े। दोनों को गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
हादसे के बाद घाटी क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रात का समय होने के कारण स्थिति और भी भयावह लग रही थी। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और खुद भी राहत कार्य में जुट गए। कई लोगों ने मिलकर घायलों को सड़क से उठाया और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
सूचना मिलते ही ड्रमंडगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों भाइयों की हालत गंभीर है, लेकिन उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ब्रेक फेल होना सामने आया है। हालांकि, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वाहन की नियमित जांच और रखरखाव में कोई लापरवाही बरती गई थी।
ड्रमंडगंज घाटी का यह हिस्सा पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अक्सर भारी वाहन तेज रफ्तार में उतरते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, जैसे स्पीड कंट्रोलर, चेतावनी संकेत और नियमित पुलिस गश्त।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हादसों से बचने के लिए सबसे जरूरी है वाहन की तकनीकी स्थिति पर ध्यान देना। खासकर ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए, क्योंकि पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में यह जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकता है।
इसके अलावा, ड्राइवरों को भी सतर्क रहने और गति नियंत्रण का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही न केवल उनके लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी घातक साबित हो सकती है।
इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है और परिजन इस दुखद घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। वहीं घायल



