
मोगा में दहेज के लिए विवाहिता की संदिग्ध मौत, गले पर निशान मिले, पति-सास-देवर की तलाश में पुलिस
पंजाब के मोगा जिले के धर्मकोट इलाके से दहेज उत्पीड़न से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। यहां 35 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का शव उसके ससुराल में मिला, जबकि गले पर मिले गहरे निशानों ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है। मृतका के परिजनों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति, सास और देवर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन तीनों आरोपी घटना के बाद से फरार हैं।
मृतका की पहचान ज्योति के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार ज्योति की शादी नवीन कुमार से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका के भाई तिलक राज, जो फिरोजपुर का रहने वाला है, ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन को लगातार कम दहेज लाने के लिए ताने दिए जाते थे और इसी वजह से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।
तिलक राज के अनुसार 28 जनवरी की सुबह करीब 7:15 बजे उसने बहन को फोन किया, लेकिन कॉल एंबुलेंस चालक ने उठाया। चालक ने बताया कि ज्योति की हालत गंभीर है और उसे सिविल अस्पताल मोगा ले जाया जा रहा है। यह सुनते ही परिवार के लोग तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने ज्योति को मृत घोषित कर दिया।
भाई ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उसकी बहन के गले पर नीले रंग के गहरे निशान साफ नजर आ रहे थे, जो गला घोंटने या फांसी लगाए जाने की आशंका को मजबूत करते हैं। उसने कहा कि यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि साजिश के तहत की गई हत्या है।
थाना धर्मकोट पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी के मुताबिक शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का खुलासा होगा।
फिलहाल पति नवीन कुमार, सास सुनीता रानी और देवर ईशु फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। यह घटना एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत को उजागर करती है।


