
“मां बच्चों को बचाने दौड़ी… लेकिन धुएं ने सबको निगल लिया” — मेरठ की उस रात की कहानी, जिसने छह घरों की रोशनी बुझा दी
सोमवार की रात उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश में एक ऐसी त्रासदी लेकर आई, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया। एक घर, जहां कुछ देर पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, अचानक चीखों और धुएं से भर गया।

यह घटना मेरठ के लिसाड़ीगेट इलाके की है, जहां एक कपड़ा कारोबारी के मकान में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा घर मौत के जाल में बदल गया।
👩👧 मां ने आखिरी कोशिश की
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब आग लगी, घर में मौजूद मां अपने बच्चों को बचाने के लिए इधर-उधर भाग रही थी। लेकिन धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया।
लोग बताते हैं कि घर के अंदर से बच्चों की चीखें सुनाई दे रही थीं। आसपास के लोग दरवाजे तोड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग और धुएं ने किसी को अंदर टिकने नहीं दिया।
🕯️ कुछ मिनटों में खत्म हो गई जिंदगी
जब तक लोगों ने छतों के रास्ते अंदर पहुंचकर बच्चों और महिलाओं को बाहर निकाला, तब तक वे बुरी तरह झुलस चुके थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया।
सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मृतकों में छोटे-छोटे बच्चे शामिल थे—कुछ तो ऐसे, जिन्हें दुनिया देखे अभी महीना भी पूरा नहीं हुआ था।
🏘️ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डाली
इस हादसे में स्थानीय लोगों की बहादुरी भी सामने आई। फायर ब्रिगेड देर से पहुंची, लेकिन मोहल्ले वालों ने इंतजार नहीं किया।
कुछ युवक छत से कूदकर घर में घुसे, कुछ ने पाइप जोड़कर पानी डाला, तो कुछ घायल बच्चों को उठाकर दौड़ पड़े।
हालांकि उनकी कोशिशें काबिले-तारीफ थीं, लेकिन आग उनसे तेज थी।
⚙️ घर में चलती थी मशीनें
बताया जा रहा है कि घर के निचले हिस्से में एम्ब्रॉयडरी और पावरलूम का काम होता था। वहां कपड़ा तैयार किया जाता था। मशीनें, तार और बिजली के उपकरण बड़ी संख्या में मौजूद थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे घरों में अगर वायरिंग सुरक्षित न हो तो आग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
😢 रोते-बिलखते परिजन
जब परिवार के पुरुष सदस्य नमाज से लौटे तो घर के बाहर भीड़ और एम्बुलेंस देखकर सन्न रह गए। कुछ ही मिनटों में उन्हें बताया गया कि उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं रहे।
लोग बताते हैं कि उस वक्त का दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
🚨 प्रशासन ने क्या कहा
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका है। हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएगा।
प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता देने का भरोसा दिया है और इलाके में अग्नि सुरक्षा की जांच के आदेश दिए हैं।
❗ हादसा जो चेतावनी बन गया
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी है। घनी आबादी वाले इलाकों में बिना सुरक्षा इंतजाम के मशीनें चलाना, वायरिंग की अनदेखी करना और अग्नि सुरक्षा साधनों की कमी कभी भी ऐसी त्रासदी में बदल सकती है।
इस घर की दीवारें भले जल गई हों, लेकिन उस रात की चीखें अब भी लोगों के दिलों में गूंज रही हैं।



