
महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा को लेकर बुलंदशहर में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था, 12 से 15 फरवरी तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के अवसर पर बुलंदशहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की है। पुलिस और यातायात विभाग ने संयुक्त रूप से रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है, जो 12 फरवरी की रात 8 बजे से 15 फरवरी की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और मुरादाबाद की दिशा में जाने वाले भारी वाहनों को शहर की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए लिया गया है। महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के चलते हाईवे और मुख्य मार्गों पर भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में यातायात को नियंत्रित करना जरूरी हो जाता है।
भारी वाहनों के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्ग
ट्रैफिक विभाग ने ट्रकों, कैंटरों और अन्य भारी वाहनों के लिए अलग-अलग दिशा में वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं।
दिल्ली और गाजियाबाद से मुरादाबाद व बरेली की ओर जाने वाले वाहन लालकुआं से सिकंदराबाद, शिकारपुर तिराहा, डिबाई और नरौरा गंगा बैराज होते हुए बबराला व सम्भल मार्ग से गुजरेंगे।
मेरठ और हापुड़ से मुरादाबाद-बरेली की ओर जाने वाले वाहन एनएच-24 डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल (जोखाबाद) होकर बुलंदशहर, शिकारपुर और नरौरा मार्ग अपनाएंगे।
अलीगढ़ से मेरठ जाने वाले वाहन खुर्जा और सिकंदराबाद के रास्ते ईस्टर्न पेरिफेरल से डासना और किठौर की ओर भेजे जाएंगे।
बरेली और मुरादाबाद से दिल्ली की तरफ आने वाले भारी वाहन नरौरा, अतरौली और अलीगढ़ के रास्ते होकर दिल्ली पहुंचेंगे।
यातायात पुलिस ने साफ किया है कि निर्धारित समय के दौरान किसी भी भारी वाहन को शहर के मुख्य मार्गों से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
शहर में विशेष निगरानी व्यवस्था
मुख्य चौराहों, शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। ट्रैफिक कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रास्ता मिले। इसके लिए अलग से कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं।
रोडवेज बसों का संचालन
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए रोडवेज विभाग ने अतिरिक्त बसों का संचालन किया। पिछले चार दिनों में लगभग 135 बसें हरिद्वार के लिए रवाना की गईं। बुधवार को करीब 54 नियमित और 15 अतिरिक्त बसों से श्रद्धालुओं को भेजा गया।
हालांकि, अधिकारियों के अनुसार भक्तों की संख्या में कमी आने के कारण बृहस्पतिवार से अतिरिक्त बसों का संचालन रोका जा सकता है। बुलंदशहर डिपो के एआरएम परमानंद ने बताया कि बसों की संख्या मांग के अनुसार तय की जाएगी, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
नागरिकों से सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट डायवर्जन का पालन करें और यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्ग की जानकारी प्राप्त कर लें। अनावश्यक यात्रा से बचने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि के दौरान स्थानीय स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन मिल सके और व्यवस्था बनी रहे।
धार्मिक उत्साह के बीच प्रशासन की तैयारी
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसमें शिवभक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लाकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में चढ़ाते हैं। इस धार्मिक उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।
कुल मिलाकर, 12 से 15 फरवरी तक लागू यह विशेष ट्रैफिक योजना श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई है। निर्धारित अवधि के बाद स्थिति सामान्य होने पर यातायात व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी व्यवस्थाएं सतर्कता और समन्वय के साथ संचालित की जाएंगी, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।



