
मलोया गोशाला में बड़ा हादसा: करंट की चपेट में आकर 8 पशुओं की मौत, जांच के आदेश
चंडीगढ़ के मलोया क्षेत्र में स्थित गोशाला में शनिवार सुबह एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। गोशाला परिसर में बिजली का करंट फैलने से सात सांड़ और एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग गोशाला पहुंच गए। लोगों ने इस घटना के लिए गोशाला प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोशाला में कुछ दिनों पहले बिजली का मीटर खराब हो गया था। इसके बाद अस्थायी समाधान के तौर पर दूसरे मीटर से डायरेक्ट बिजली कनेक्शन जोड़ा गया। यह कनेक्शन सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करते हुए गोशाला के लोहे के शेड के ऊपर से निकाला गया था। बताया जा रहा है कि इसी तार में एक जगह कट लग गया, जिससे शेड और उसके खंभों में करंट फैल गया।
शनिवार सुबह जब सांड़ और गायें शेड के पास खड़ी थीं, तभी अचानक करंट फैल गया। लोहे के खंभों के संपर्क में आने से सात सांड़ और एक गाय को तेज झटका लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही यह हादसा हुआ, गोशाला में मौजूद अन्य गायें जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर गोशाला परिसर में रह रहे लोग बाहर आए और स्थिति को समझा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बिजली का तार खुले तौर पर करंट छोड़ रहा था। लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए लकड़ी के डंडों की मदद से उस तार को हटाया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से करीब 25 अन्य गायों की जान बच गई। यदि कुछ देर और हो जाती, तो मृत पशुओं की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद निर्मला देवी और उनके पति दिलावर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले भी गोशाला की बिजली व्यवस्था को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने गोशाला प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि बिजली कनेक्शन सुरक्षित तरीके से लगाया गया होता, तो बेजुबान जानवरों की जान नहीं जाती।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्षद ने सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी और डिप्टी मेयर तरुणा मेहता को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मेयर हरप्रीत कौर बबला, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर लापरवाही का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शहर की सभी गोशालाओं की बिजली व्यवस्था की जांच की जाए, ताकि कहीं भी खुले तार या असुरक्षित कनेक्शन न रहें।
मेयर हरप्रीत कौर बबला ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बेजुबान पशुओं की इस तरह मौत बेहद पीड़ादायक है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने साफ कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, मृत पशुओं को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और गोशाला में बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। निगम की टीमें जांच में जुटी हैं। यह हादसा गोशालाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित करता है।


