
मयूर विहार में गैस रिसाव का दर्दनाक हादसा: कमरे में खेल रही मासूम बहनों पर टूटा कहर, ढाई साल की सना की मौत
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 इलाके में एलपीजी गैस रिसाव की वजह से एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर के कमरे में खेल रही दो छोटी बच्चियां अचानक बेहोश हो गईं। जब उनकी मां की आंख खुली तो दोनों बेटियां जमीन पर पड़ी थीं और कमरे में गैस की तेज गंध फैली हुई थी। मां ने तुरंत शोर मचाया और पड़ोसियों की मदद से बच्चियों को अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अफसोस, ढाई साल की सना खातून को बचाया नहीं जा सका, जबकि उसकी बड़ी बहन सात साल की राफिया खातून की जान बच गई।

इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती जांच में एलपीजी गैस के रिसाव को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
दर्जी का काम करता है पिता
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद राहिद अपने परिवार के साथ मयूर विहार फेज-3 स्थित आशीर्वाद अपार्टमेंट में रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी परवीन खातून और दो बेटियां राफिया और सना थीं।
राहिद पेशे से दर्जी हैं और राजबीर कॉलोनी में सिलाई का काम करते हैं। रविवार को भी वह रोज की तरह सुबह घर से काम पर चले गए थे। उस समय घर पर उनकी पत्नी और दोनों बेटियां ही थीं।
दोपहर में हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि दोपहर के समय परवीन खातून अपने कमरे में आराम कर रही थीं। उसी कमरे में उनकी दोनों बेटियां खेल रही थीं। इसी दौरान कमरे में रखे एलपीजी सिलिंडर से गैस का रिसाव शुरू हो गया।
कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन न होने की वजह से गैस धीरे-धीरे पूरे कमरे में फैल गई। कुछ ही समय में इसका असर बच्चियों पर पड़ने लगा और दोनों बहनें अचेत होकर फर्श पर गिर पड़ीं।
मां की खुली आंख तो सामने था भयावह दृश्य
कुछ देर बाद परवीन खातून को नींद में ही घुटन महसूस होने लगी। सांस लेने में परेशानी होने पर उनकी आंख खुल गई। जब उन्होंने कमरे की ओर देखा तो दोनों बेटियां जमीन पर अचेत पड़ी थीं।
यह देखकर परवीन घबरा गईं। उन्होंने तुरंत दोनों बच्चियों को उठाया और कमरे से बाहर निकलने लगीं। उसी समय उन्हें कमरे में गैस की तीखी गंध महसूस हुई, जिससे उन्हें अंदाजा हुआ कि कहीं गैस रिसाव तो नहीं हो रहा।
पड़ोसियों ने दिखाई तत्परता
घबराई हुई मां ने जोर-जोर से मदद के लिए आवाज लगाई। शोर सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे। जब उन्हें स्थिति की गंभीरता का पता चला तो उन्होंने बिना देर किए दोनों बच्चियों को अस्पताल ले जाने का फैसला किया।
पड़ोसी दोनों बच्चियों को लेकर तुरंत नोएडा के मेट्रो अस्पताल की ओर रवाना हो गए। इस दौरान बच्चियों के पिता मोहम्मद राहिद को भी घटना की जानकारी दे दी गई।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल पहुंचने से पहले ही ढाई साल की सना की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं सात साल की राफिया को तुरंत इलाज दिया गया।
कुछ समय बाद राफिया को होश आ गया और डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल से पुलिस को दी गई सूचना
घटना की सूचना अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को दी। इसके बाद गाजीपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने सना के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही एक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके।
सिलिंडर की पाइप से हो रहा था गैस रिसाव
पुलिस की जांच में सामने आया कि घर में रखा एलपीजी सिलिंडर लीक कर रहा था। सिलिंडर से जुड़ी पाइप के पास से गैस का रिसाव हो रहा था।
कमरे में खिड़कियां बंद होने के कारण गैस बाहर नहीं निकल सकी और कमरे के अंदर ही भरती चली गई। इसी वजह से दोनों बच्चियां गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गईं।
क्राइम टीम और एफएसएल ने की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया। टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में दम घुटने से मौत होने की आशंका है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा।
परिवार में पसरा मातम
मासूम सना की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में हर तरफ शोक का माहौल है। मां परवीन खातून का रो-रोकर बुरा हाल है।
पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मासूम की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
गैस सिलिंडर की सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा घरेलू गैस सिलिंडर के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की जरूरत को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिलिंडर की पाइप और रेगुलेटर की समय-समय पर जांच करना बेहद जरूरी होता है।
अगर गैस की हल्की सी भी गंध महसूस हो तो तुरंत सिलिंडर बंद कर देना चाहिए और कमरे की खिड़कियां खोल देनी चाहिए ताकि गैस बाहर निकल सके।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामला गैस रिसाव से जुड़े हादसे का प्रतीत हो रहा है। फिर भी सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल गाजीपुर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह घटना लोगों को सावधान रहने का संदेश भी देती है कि घर में गैस सिलिंडर के इस्तेमाल के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सुरक्षा के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।



