
मथुरा में मंदिर के पुजारी की हत्या, चाकू से गला रेतकर उतारा मौत के घाट
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बरसाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां स्थित प्रसिद्ध राधा बल्लभ मंदिर के पुजारी मोहन दास उर्फ गूंगा बाबा की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी। रविवार सुबह मंदिर परिसर में उन पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया, जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, बरसाना स्थित राधा बल्लभ मंदिर में पुजारी मोहन दास उर्फ गूंगा बाबा कई वर्षों से सेवा कर रहे थे। रविवार सुबह भी वे रोज की तरह मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में व्यस्त थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब नौ बजे उन्होंने मंदिर में शृंगार आरती संपन्न कराई थी। आरती के बाद वह मंदिर परिसर में बने अपने कमरे की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार चाकू से पुजारी के गले और पेट पर कई वार किए। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। उस समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके कारण हमलावर आसानी से भागने में सफल हो गए।
घटना की जानकारी काफी देर बाद लोगों को हुई। सुबह करीब 10:30 बजे जब कुछ श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने पहुंचे तो उन्होंने पुजारी मोहन दास को मंदिर परिसर में खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत अन्य ग्रामीणों को सूचना दी।
ग्रामीणों ने बिना देर किए घायल पुजारी को पास के केडी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल इलाज शुरू किया। लेकिन उनके शरीर से काफी खून बह चुका था और उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी। देर रात इलाज के दौरान पुजारी मोहन दास ने दम तोड़ दिया।
पुजारी की मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंदिर से जुड़े लोगों और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा दुख और आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि एक धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है और इससे इलाके में डर का माहौल बन गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने शक के आधार पर गांव के ही दो लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। हालांकि अब तक की जांच में फुटेज में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति आता-जाता नजर नहीं आया है, जिससे मामले की गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस अब अन्य संभावित सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
इस मामले में पुजारी मोहन दास के गुरु वैष्णव दास ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। एसपी ग्रामीण सुरेशचंद रावत ने बताया कि हत्याकांड की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे क्या कारण हो सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना आपसी रंजिश का परिणाम है या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह है। जांच के दौरान पुजारी के परिचितों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुजारी मोहन दास बेहद सरल और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। वह वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहे थे और इलाके में उनका काफी सम्मान था। ऐसे में उनकी इस तरह हत्या होना लोगों के लिए बेहद चौंकाने वाली घटना है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए। लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर इस तरह की वारदात होना बेहद गंभीर बात है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं पुजारी की मौत से मंदिर और पूरे इलाके में गहरा शोक व्याप्त है और लोग उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।



