
भरोसे की आड़ में करोड़ों की चोरी—घरेलू सहायिका निकली शातिर, रजाई में छिपकर बचना चाहा पर पुलिस ने दबोचा
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने घरेलू कामगारों पर भरोसे को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। शालीमार बाग थाना क्षेत्र में एक घरेलू सहायिका ने जिस चालाकी से करोड़ों के गहनों पर हाथ साफ किया, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ही घर में रजाई के अंदर छिप गई थी।

गिरफ्तार महिला की पहचान 45 वर्षीय सोना उर्फ के. सोनिया के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से घरों में काम करने के बहाने चोरी की वारदातों को अंजाम दे रही थी। अब तक वह करीब तीन करोड़ रुपये के सोने के जेवरात चोरी कर चुकी है और इस पैसे से अपनी अलग ही आर्थिक व्यवस्था चला रही थी।
इस पूरे मामले की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई, जब शालीमार बाग निवासी विजय पाल गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके घर में काम करने वाली महिला अचानक गायब हो गई है और घर से सोने के कीमती गहने भी लापता हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। कुछ ही समय में पुलिस को आरोपी की पहचान मिल गई और उसके ठिकाने का पता चल गया। इसके बाद पुलिस की टीम रोहिणी स्थित उसके घर पर दबिश देने पहुंची।
लेकिन यहां पुलिस को एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा। आरोपी महिला ने अपने घर में कई खतरनाक विदेशी नस्ल के कुत्ते पाल रखे थे, जिनमें पिटबुल और अमेरिकन बुली जैसे आक्रामक कुत्ते शामिल थे। जैसे ही पुलिस टीम घर में घुसने की कोशिश करने लगी, कुत्तों ने उन पर हमला करने की कोशिश की। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए खुद को सुरक्षित रखा और किसी तरह घर के अंदर दाखिल हो गए।
घर के अंदर पहुंचने के बाद भी आरोपी आसानी से हाथ नहीं आई। उसने खुद को एक कमरे में रजाई के भीतर छिपा लिया था, ताकि पुलिस उसे ढूंढ न सके। लेकिन पुलिस की नजर से वह ज्यादा देर तक बच नहीं पाई। जब कमरे की तलाशी ली गई तो रजाई में छिपी महिला को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह पहले घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी और धीरे-धीरे घरवालों का भरोसा जीत लेती थी। इसके बाद मौका देखकर वह घर से कीमती गहने चुराकर फरार हो जाती थी।
उसका काम करने का तरीका बेहद योजनाबद्ध था। चोरी के बाद वह सोने के गहनों को अलग-अलग बैंकों में गिरवी रख देती थी और वहां से गोल्ड लोन ले लेती थी। इस तरह वह चोरी के माल को तुरंत नकदी में बदल लेती थी, जिससे उस पर शक भी कम होता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के नाम पर करीब 15 गोल्ड लोन खाते हैं, जिन्हें फिलहाल फ्रीज कर दिया गया है। अब तक करीब दो किलो सोना गिरवी रखने की जानकारी मिली है। इसके अलावा उसकी निशानदेही पर करीब एक लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद शालीमार बाग और मोर्या एंक्लेव में दर्ज चोरी के दो मामलों का खुलासा हो गया है। हालांकि पुलिस को शक है कि यह महिला 20 से अधिक चोरी की वारदातों में शामिल रही है। अब पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
पूछताछ में यह भी संकेत मिला है कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रही थी। उसके साथ एक पूरा नेटवर्क हो सकता है, जो चोरी के गहनों को ठिकाने लगाने और बैंक से लोन लेने में उसकी मदद करता था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
इस मामले में एक और अहम खुलासा यह हुआ है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। वर्ष 2008 में भी वह पंजाबी बाग थाना क्षेत्र में इसी तरह के एक मामले में शामिल रही थी। इसके बावजूद वह लगातार अपनी पहचान बदलकर और नए इलाकों में काम करके लोगों को धोखा देती रही।
इस घटना ने लोगों के बीच सुरक्षा और सतर्कता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू सहायिका या कर्मचारी को रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं और उसकी गतिविधियों पर नजर रखें।
फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने किन-किन इलाकों में चोरी की है और उसके गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण है कि किस तरह भरोसे का फायदा उठाकर अपराध को अंजाम दिया जा सकता है। एक साधारण घरेलू सहायिका के रूप में सामने आने वाली महिला के पीछे इतनी बड़ी आपराधिक कहानी छिपी होगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से इस मामले का पर्दाफाश हो सका, लेकिन इसने सभी को एक महत्वपूर्ण सबक जरूर दे दिया है—सावधानी ही सुरक्षा की कुंजी है।



