
बेकाबू कैंटर ने बहादुरगढ़ में बरपाया कहर—कुछ ही मिनटों में तीन की मौत, चार गंभीर घायल
हरियाणा के Bahadurgarh में सोमवार को एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। एक तेज रफ्तार कैंटर ने अलग-अलग स्थानों पर लोगों को कुचलते हुए ऐसा कहर बरपाया कि कुछ ही मिनटों में तीन लोगों की जान चली गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने न केवल सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि लापरवाही किस तरह जानलेवा बन सकती है।

घटना की शुरुआत दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हुई, जब Delhi–Rohtak Road पर स्थित मामा चौक के पास एक तेज रफ्तार कैंटर अचानक बेकाबू हो गया। उस समय सड़क पार कर रहे दो युवक इसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अशोक (32) और शंभू (22) के रूप में हुई, जो बिहार के छपरा जिले के रहने वाले थे और बहादुरगढ़ में काम कर रहे थे।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग समझ ही नहीं पाए कि अचानक क्या हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन इससे पहले कि चालक को पकड़ा जा सके, वह कैंटर लेकर वहां से भाग निकला। यही नहीं, उसने अपनी रफ्तार कम करने की बजाय आगे बढ़ते हुए और भी लोगों की जान को खतरे में डाल दिया।
भागते हुए कैंटर चालक बहादुरगढ़ बाईपास की ओर पहुंचा, जहां उसने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार योगेंद्र (30) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी प्रवीण गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दूसरा हादसा इस बात का स्पष्ट संकेत था कि चालक पूरी तरह नियंत्रण खो चुका था या फिर जानबूझकर लापरवाही बरत रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कैंटर ने इसके बाद एक ऑटो को भी टक्कर मार दी। ऑटो में सवार तीन लोग—प्रेम (महिला), उनके पति कृष्ण और चालक जयवीर—गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोग अंदर फंस गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे आकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया। सभी घायलों को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत गंभीर देखते हुए उसे रोहतक के पीजीआईएमएस रेफर कर दिया गया।
इस पूरी घटना ने शहर में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। कुछ ही समय में तीन अलग-अलग जगहों पर हुए इन हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। हर कोई यही सवाल कर रहा था कि आखिर इतनी लापरवाही कैसे हो सकती है और क्यों ऐसे चालकों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़कों पर भारी वाहनों की लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। खासकर शहरी इलाकों में, जहां पैदल चलने वालों और छोटे वाहनों की संख्या अधिक होती है, ऐसे हादसे और भी घातक साबित होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों के साथ-साथ उनकी कड़ाई से पालना भी जरूरी है। ड्राइवरों की नियमित जांच, उनकी ट्रेनिंग और सड़क पर निगरानी बढ़ाना जरूरी है, ताकि इस तरह की लापरवाही पर रोक लगाई जा सके।
इसके साथ ही आम लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। सड़क पार करते समय सावधानी बरतना, ट्रैफिक संकेतों का पालन करना और हर समय सतर्क रहना ऐसे हादसों से बचने में मदद कर सकता है।
इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों में शोक की लहर है। अशोक, शंभू और योगेंद्र के घरों में मातम पसरा हुआ है। उनके परिवारों के लिए यह घटना एक ऐसी त्रासदी बन गई है, जिससे उबर पाना आसान नहीं होगा।
घायल लोगों के परिवार भी चिंता में हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। अस्पतालों में उनका इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बहादुरगढ़ की यह घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है कि सड़क पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन करे और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखे। एक पल की लापरवाही कई जिंदगियों को तबाह कर सकती है।
अंत में, यह जरूरी है कि प्रशासन और आम नागरिक मिलकर सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यदि नियमों का सख्ती से पालन किया जाए और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, तो इस तरह के हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जिंदगी अनमोल है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

