
बदायूं में दर्दनाक सड़क हादसा, पिता-पुत्र की मौके पर मौत
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक ही परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। उघैती थाना क्षेत्र में दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत में पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा उघैती थाना क्षेत्र के कनपुर गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि संभल जिले के गुड़ फेहगढ़ गांव निवासी गेंदन लाल (55) अपने पुत्र शेर सिंह (20) के साथ बाइक से किसी रिश्तेदारी से वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और घायलों को संभालने की कोशिश की। लोगों ने बिना देर किए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। बताया जाता है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों की हालत मौके पर ही बेहद नाजुक हो गई थी।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल बदायूं भिजवाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को गंभीर सिर और शरीर में चोटें आई थीं, जो जानलेवा साबित हुईं। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
मृतकों की पहचान गेंदन लाल और उनके बेटे शेर सिंह के रूप में हुई है। दोनों थाना कूड़, जिला संभल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पिता-पुत्र की एक साथ मौत की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। घर में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने बताया कि मृतकों के मोबाइल फोन के जरिए उनके परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिवार के लोग तुरंत बदायूं जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं और पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए प्रशासन से मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और असावधानी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। दूसरी बाइक सवार की स्थिति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में लोग बिना हेलमेट और तेज गति से बाइक चलाते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
परिजनों के अनुसार गेंदन लाल अपने परिवार के मुखिया थे और शेर सिंह घर का सहारा बन रहा था। दोनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक की लहर है और लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन की ओर से भी मामले पर नजर रखी जा रही है।
यह हादसा एक कड़वी याद दिलाता है कि सड़क पर सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। एक पल की लापरवाही ने जहां दो जिंदगियां छीन लीं, वहीं एक परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। इलाके के लोग अब यही दुआ कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसे दोबारा न हों।



