
फरीदाबाद में दिल दहला देने वाली घटना: बंद कमरे में मिली पति-पत्नी और मासूम बच्चे की लाश, ‘हलवा’ और ‘अंगीठी’ के बीच उलझी मौत की गुत्थी
हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सरूरपुर इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। मृतकों में पति, पत्नी और उनका 5 साल का बेटा शामिल है। वहीं, इसी कमरे में सोया परिवार का चौथा सदस्य (मृतक का भाई) सही सलामत बच गया है, जिसके बयानों ने पुलिस की जांच की दिशा को और पेचीदा बना दिया है।

क्या है पूरा मामला?
मूल रूप से बिहार का रहने वाला यह परिवार मजदूरी के सिलसिले में फरीदाबाद आया था और पिछले दो महीने से सरूरपुर में किराए के मकान में रह रहा था। परिवार में रमेश, उसकी पत्नी ममता, 5 वर्षीय बेटा छोटू और रमेश का भाई शामिल थे। मकान मालिक परशुराम के मुताबिक, सुबह उन्हें रमेश के भाई का फोन आया। उसने घबराते हुए बताया कि “भैया-भाभी और भतीजा उठ नहीं रहे हैं, आप जल्दी आ जाइए।” जब मकान मालिक वहां पहुंचे, तो तीनों के शव फर्श पर पड़े थे।
सवालों के घेरे में ‘रात का हलवा’
घटनास्थल पर पुलिस को घर के अंदर एक अंगीठी मिली है, जिससे पहली नजर में दम घुटने (Asphyxiation) की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन, शवों की हालत और मृतक के भाई के बयान ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। भाई ने बताया कि रात को भाभी (ममता) ने हलवा बनाया था, जिसे सभी ने खाया और सो गए।
हैरान करने वाली बात यह है कि भाई ने बताया कि सुबह 5 बजे जब उसकी नींद खुली और उसने बाकी लोगों को जगाने की कोशिश की, तो वे नहीं उठे। इसके बाद वह दोबारा वही ‘हलवा’ खाकर सो गया। यह बात जांच का विषय है कि जब परिवार के सदस्य उठ नहीं रहे थे, तो उसने मदद मांगने या शोर मचाने के बजाय दोबारा खाना और सोना उचित क्यों समझा?
शवों की स्थिति ने बढ़ा दिया रहस्य
मकान मालिक और पुलिस के मुताबिक, शवों की स्थिति सामान्य नहीं थी। मृतक रमेश के नाक और मुंह से खून निकल रहा था, जबकि पत्नी और बच्चे के मुंह से झाग निकल रहा था। आमतौर पर अंगीठी के धुएं से दम घुटने पर ऐसे लक्षण कम ही देखे जाते हैं। मुंह से झाग आना जहरखुरानी (Food Poisoning) की ओर भी इशारा कर रहा है।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर बादशाह खान सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि मौत जहरीला हलवा खाने से हुई है या बंद कमरे में जलती अंगीठी के धुएं से।

