हरियाणा

फरीदाबाद की हेलमेट फैक्ट्री में सुपरवाइजर की संदिग्ध मौत, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

हरियाणा के Faridabad में एक हेलमेट बनाने वाली फैक्ट्री में काम करने वाले सुपरवाइजर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। यह घटना सेक्टर-58 थाना क्षेत्र की एक औद्योगिक इकाई में सामने आई, जहां नाइट शिफ्ट के दौरान काम कर रहे सुपरवाइजर अचानक गिर पड़े और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद फैक्ट्री के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने फैक्ट्री के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान मुकेश पाल के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के गांव मलेरना के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मुकेश पाल सेक्टर-58 स्थित एक हेलमेट निर्माण करने वाली फैक्ट्री में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। वे काफी समय से इस फैक्ट्री में काम कर रहे थे और नाइट शिफ्ट की जिम्मेदारी भी अक्सर उनके पास रहती थी। सोमवार देर रात भी वह अपनी नियमित ड्यूटी के तहत फैक्ट्री में मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात जब फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट का काम चल रहा था, तभी अचानक मुकेश पाल की तबीयत खराब हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह काम के दौरान अचानक असहज महसूस करने लगे और कुछ ही देर में जमीन पर गिर पड़े। उनके गिरते ही वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सहकर्मियों ने तुरंत फैक्ट्री प्रबंधन को इसकी सूचना दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

घटना के बाद मुकेश पाल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से जैसे ही उनकी मौत की खबर फैक्ट्री और उनके परिवार तक पहुंची, वहां शोक और तनाव का माहौल बन गया।

इस घटना की सूचना मिलते ही Haryana Police की टीम सेक्टर-58 थाना क्षेत्र से मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से पूछताछ भी की। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए Badshah Khan Civil Hospital भिजवा दिया।

मंगलवार सुबह जैसे ही फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों को इस घटना की पूरी जानकारी मिली, वे बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। कर्मचारियों ने फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि मुकेश पाल की मौत किन परिस्थितियों में हुई है, इसकी निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का यह भी कहना था कि यदि मुकेश पाल की तबीयत अचानक खराब हुई थी तो उन्हें समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं मिल पाई। कुछ कर्मचारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मृतक के परिवार के लिए आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग भी की। उनका कहना था कि मुकेश पाल अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे, इसलिए उनकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट आ सकता है। ऐसे में फैक्ट्री प्रबंधन को आगे आकर परिवार की मदद करनी चाहिए।

स्थिति को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के समझाने के बाद कर्मचारियों का आक्रोश कुछ हद तक शांत हुआ।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुकेश पाल की मौत किस वजह से हुई। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही या संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। कई बार फैक्ट्रियों में लंबे समय तक काम करने और दबाव की वजह से कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर फैक्ट्री कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों पर चर्चा छेड़ दी है।

मुकेश पाल के परिवार को जैसे ही उनके निधन की खबर मिली, परिवार में मातम छा गया। परिजन इस घटना से बेहद दुखी और सदमे में हैं। परिवार के लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मुकेश पाल की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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