
फतेहाबाद में महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा: दुष्कर्म के बाद गला दबाकर मार डाला, एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
हरियाणा के फतेहाबाद शहर में जनवरी माह में झाड़ियों में मिली महिला की लाश के मामले ने अब एक भयावह मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला की पहले कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया और बाद में पहचान उजागर होने के डर से उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात में शामिल तीन आरोपियों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य अभी भी फरार हैं।

यह मामला 22 जनवरी का है, जब हिसार-सिरसा रोड बाइपास स्थित रतिया पुल के पास एक महिला अचेत अवस्था में पड़ी मिली थी। राहगीरों ने जब उसे झाड़ियों में पड़ा देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में उसके गले पर चोट के निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका गहराई।
मृतका की पहचान होने के बाद उसकी मां के बयान पर थाना शहर फतेहाबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई। मां के अनुसार, उसकी बेटी 21 जनवरी को घर से फतेहाबाद जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसे तलाशने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन उसकी लाश मिलने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर शक्ति नगर निवासी कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया। थाना शहर प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर महिला को अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया था।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपियों को डर था कि महिला उनके खिलाफ शिकायत कर सकती है। इसी भय के चलते उन्होंने कथित रूप से उसका गला दबाकर हत्या कर दी और शव को रतिया पुल के पास झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि हत्या सुनियोजित प्रतीत होती है और तीनों आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
इस मामले में रतिया रोड निवासी गोबर और भटिया कॉलोनी निवासी महेंद्र उर्फ निक्का के नाम भी सामने आए हैं। दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें भी हिरासत में ले लिया जाएगा।
जांच में यह भी सामने आया है कि मृतका के खिलाफ पहले से नशा तस्करी के कुछ मामले दर्ज थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति का आपराधिक इतिहास उसके खिलाफ हुए अपराध को कम नहीं करता। इस मामले में महिला एक पीड़िता है और उसके साथ हुई कथित दरिंदगी और हत्या की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
फतेहाबाद में इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में त्वरित न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
पुलिस अब मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि की जाएगी, हालांकि प्रारंभिक संकेत गला दबाने से मौत की ओर इशारा कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दुष्कर्म और हत्या के आरोप साबित होते हैं, तो आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा। ऐसे मामलों में फोरेंसिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्ष/परिस्थितिजन्य प्रमाण अहम भूमिका निभाते हैं।
मृतका के परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए। मां का कहना है कि उसकी बेटी चाहे जैसी भी परिस्थितियों में रही हो, उसे इस तरह जान से मार देने का किसी को अधिकार नहीं था। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हो, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
फिलहाल एक आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है। दो अन्य आरोपियों की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं। पूरा शहर इस मामले की प्रगति पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे और पीड़िता को न्याय मिलेगा।

