
पोलंगी हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: तलवार बरामद, रंजिश से जुड़ा मिला दोहरे कत्ल का सुराग
दो भाइयों की निर्मम हत्या से सनसनी फैलाने वाले पोलंगी गांव के चर्चित डबल मर्डर केस में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा है। जांच के दौरान मुख्य आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त तलवार बरामद कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि यह बरामदगी केस को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कर्मबीर उर्फ बुल्ला और कुलदीप की हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। दोनों भाइयों पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गंभीर कटने के घाव मिलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के हथियार की तलाश शुरू की, जिसमें अब सफलता मिल चुकी है।
मामले की शुरुआत 13 फरवरी को दर्ज शिकायत से हुई थी। मृतकों के भाई जगमेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके परिवार में छह भाई थे, जिनमें से तीन की पहले ही मौत हो चुकी थी। बाकी तीन अविवाहित भाई एक साथ रहते थे और गांव में सामान्य जीवन बिता रहे थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2024 में गांव के ही युवक सन्नी ने ट्रैक्टर से उन्हें और उनके भाई कर्मबीर को टक्कर मार दी थी। इस घटना को लेकर अदालत में मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि उस मामले को वापस लेने के लिए आरोपी पक्ष लगातार दबाव बना रहा था। जब समझौते से इनकार किया गया, तो दुश्मनी बढ़ती चली गई।
परिवार का कहना है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने साजिश रची और दोनों भाइयों को निशाना बनाया। घटना वाले दिन आरोपियों ने घात लगाकर हमला किया और धारदार हथियार से कई वार किए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिससे गांव में दहशत फैल गई थी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले में मुख्य आरोपी रणधीर, जो पूर्व सरपंच बताया जा रहा है, और उसके बेटे अमित को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसी दौरान आरोपियों की निशानदेही पर तलवार बरामद की गई, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अब इस हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है, ताकि उस पर मिले निशानों से केस को और मजबूत किया जा सके।
जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारी दी है। पुलिस अब उन अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिनका नाम आरोपियों ने लिया है। बताया जा रहा है कि इस हत्याकांड में कुल मिलाकर कई लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल आठ अन्य आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया है और संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और गवाहों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि दो भाइयों की हत्या ने इलाके की शांति भंग कर दी है और लोगों में भय का माहौल है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए। उनका कहना है कि न्याय मिलने से ही परिवार को कुछ राहत मिल सकेगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पुरानी दुश्मनी और कानूनी विवाद किस तरह हिंसक रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और मध्यस्थता से समाधान खोजा जाए तो जानलेवा घटनाओं से बचा जा सकता है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि फरार आरोपी कब तक गिरफ्त में आते हैं। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस हत्याकांड से जुड़े और भी पहलुओं के सामने आने की संभावना है।

