हरियाणा

पहले पुष्पवर्षा, फिर नोटों की बरसात: हिसार में सीएम नायब सैनी का अनोखा स्वागत

हिसार। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का गुरुवार देर रात हिसार दौरा पूरी तरह आस्था, संवेदना और जनसंपर्क से भरा रहा। मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ गांव किरमारा स्थित प्रसिद्ध श्री कामेश्वर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 मुनि गिरी जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान धाम परिसर में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, वहीं मुख्यमंत्री का स्वागत भी अनोखे तरीके से किया गया।

श्री कामेश्वर धाम पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सबसे पहले गद्दीनशीन संत युगल गिरी जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस भावुक क्षण में महाराज ने मुख्यमंत्री पर पहले फूलों की वर्षा की और उसके बाद प्रतीकात्मक रूप से नोटों की बरसात कर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री ने भी विनम्रता से इसे संतों का आशीर्वाद बताते हुए स्वीकार किया।

कामेश्वर धाम के लिए 11 लाख रुपये की घोषणा

धाम में दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने श्री कामेश्वर धाम के विकास के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक स्थल के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था है और सरकार ऐसे पवित्र स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन संत मुनि गिरी जी महाराज को याद करते हुए कहा कि वे उच्च कोटि के संत थे, जिन्होंने अपने जीवन से समाज को आध्यात्मिक मार्ग दिखाया। उनके मार्गदर्शन से लोगों को संस्कार, सेवा और साधना की प्रेरणा मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों की शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक रहेंगी।

महाभारत काल से जुड़ा है कामेश्वर धाम

श्री कामेश्वर धाम की मान्यता केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक भी मानी जाती है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी। यही कारण है कि आसपास के गांवों और दूर-दराज से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। हाल ही में गद्दीनशीन संत प्रहलाद गिरी उर्फ मुनि गिरी जी महाराज के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। वे 84 वर्ष के थे और उन्होंने अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर ली थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी उनके निधन पर शोक जताने के लिए ही देर रात धाम पहुंचे थे।

अलाव के पास ग्रामीणों के साथ बैठे मुख्यमंत्री

धाम से लौटते समय मुख्यमंत्री का काफिला जब गांव कुलेरी के पास पहुंचा, तो सड़क किनारे सर्दी से बचने के लिए अलाव जलाकर बैठे ग्रामीणों पर मुख्यमंत्री की नजर पड़ी। उन्होंने तुरंत काफिला रुकवाया और सुरक्षा घेरा छोड़कर सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने लोगों से हालचाल पूछा और कहा कि ठंड काफी है, ऐसे में आप लोगों के साथ यहीं बैठकर बातचीत करना बेहतर रहेगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री स्वयं अलाव के पास कुर्सी लगाकर बैठ गए और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

आस्था और जनसंवाद का मिला अनूठा संदेश

मुख्यमंत्री नायब सैनी का यह दौरा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा, बल्कि जनसरोकारों का भी मजबूत संदेश देकर गया। संतों के आशीर्वाद से लेकर अलाव के पास ग्रामीणों के साथ बैठकर संवाद करने तक, मुख्यमंत्री का यह व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। यह दौरा सत्ता और जनता के बीच संवाद की एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button