
नवरात्र से पहले बढ़ी वैष्णो देवी यात्रा की भीड़, ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल
नवरात्र के करीब आते ही माता के भक्तों की आस्था एक बार फिर चरम पर पहुंचने लगी है। हर साल की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालु Vaishno Devi Temple के दर्शन के लिए यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इस बार कई श्रद्धालुओं को ट्रेन की टिकट को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा के Karnal से होकर जम्मू जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं और लंबी वेटिंग चल रही है।

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार करनाल रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली जम्मू रूट की प्रमुख ट्रेनों में मार्च के आखिरी सप्ताह से लेकर अप्रैल तक टिकटों की भारी मांग देखने को मिल रही है। इस वजह से अधिकांश ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि जैसे-जैसे नवरात्र का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसी कारण ट्रेन टिकटों की मांग अचानक बढ़ गई है और सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं।
करनाल से होकर जम्मू की ओर जाने वाली करीब चार प्रमुख ट्रेनों में इस समय लगभग सभी सीटें फुल हो चुकी हैं। यात्रियों को केवल वेटिंग टिकट ही मिल पा रही है। कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच चुकी है, जिससे कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना और भी कम हो गई है।
दरअसल हर साल नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए जम्मू और कटरा पहुंचते हैं। यात्रा का मुख्य केंद्र Katra है, जहां से श्रद्धालु पैदल या अन्य साधनों से माता वैष्णो देवी के दरबार तक पहुंचते हैं।
नवरात्र के समय यह यात्रा और भी खास मानी जाती है। इसी कारण देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। रेल यात्रा को सबसे सुविधाजनक और किफायती साधन माना जाता है, इसलिए अधिकतर लोग ट्रेन से ही यात्रा करना पसंद करते हैं।
लेकिन इस बार स्थिति ऐसी बन गई है कि श्रद्धालुओं को टिकट के लिए कई बार कोशिश करनी पड़ रही है। रेलवे की ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइट पर भी टिकट उपलब्ध नहीं हैं और टिकट एजेंटों के पास भी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं।
करनाल के कुछ यात्रियों ने बताया कि वे कई दिनों से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें वेटिंग टिकट ही मिल रहा है। यात्रियों का कहना है कि वे लगातार रेलवे की वेबसाइट चेक कर रहे हैं ताकि अगर किसी सीट की उपलब्धता हो तो तुरंत बुकिंग कर सकें।
यात्री हरीश, सौरभ, अनुज और गौरव का कहना है कि उन्होंने परिवार के साथ वैष्णो देवी जाने की योजना बनाई थी। लेकिन टिकट न मिलने की वजह से अब उन्हें काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि कई बार ऑनलाइन बुकिंग साइट पर जाकर सीट चेक की, लेकिन हर बार वेटिंग ही दिखाई दे रही है।
इसी तरह एक अन्य यात्री राजवीर सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ माता के दर्शन करने जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने पहले से छुट्टियां भी ले ली थीं, लेकिन ट्रेन की कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाने के कारण अब उन्हें दूसरे साधनों से यात्रा करने के बारे में सोचना पड़ रहा है।
कुछ यात्रियों का कहना है कि उन्होंने बस या निजी वाहन से यात्रा करने का विकल्प भी देखा है, लेकिन वह काफी महंगा पड़ रहा है। ट्रेन यात्रा की तुलना में सड़क मार्ग से यात्रा करना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है।
दूसरी ओर कई श्रद्धालुओं ने यह भी बताया कि वे पिछले कई वर्षों से हर नवरात्र में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाते हैं। लेकिन इस बार टिकट की समस्या के कारण उनकी यात्रा योजना प्रभावित हो गई है।
यात्रियों का मानना है कि अगर रेलवे इस समय अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाए या मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ दे तो श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल सकती है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नवरात्र और अन्य धार्मिक अवसरों पर यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी होना सामान्य बात है। इसी वजह से कई बार टिकटों की मांग क्षमता से ज्यादा हो जाती है।
फिलहाल श्रद्धालु उम्मीद कर रहे हैं कि रेलवे जल्द ही इस समस्या को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करेगा। अगर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं या अतिरिक्त कोच लगाए जाते हैं तो हजारों यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
नवरात्र के दौरान माता वैष्णो देवी के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यही वजह है कि देशभर से लाखों श्रद्धालु इस पवित्र स्थल पर पहुंचते हैं और माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।
ऐसे में रेलवे से यात्रियों को उम्मीद है कि वह श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए जल्द ही उचित कदम उठाएगा, ताकि भक्तों की यात्रा सुगम हो सके और उन्हें टिकट की परेशानी का सामना न करना पड़े।

