उत्तर प्रदेश

धूप में बैठा परिवार बना निशाना! रंजिश की आग में दौड़ी मौत की कार, मां–बेटी की कुचलकर हत्या, गांव में पसरा खौफ और कोहराम

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में सोमवार दोपहर जो हुआ, उसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर स्थित बाबू का पूरा मौजा में धूप सेंक रहा एक शांत परिवार अचानक मौत के पहियों तले आ गया। एक तेज रफ्तार कार ने घर के बाहर बैठे एक ही परिवार के चार लोगों को बेरहमी से रौंद डाला। इस खौफनाक घटना में मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने इसे सड़क हादसा नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश में की गई साजिशन हत्या करार दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार की दोपहर गांव में सामान्य चहल-पहल थी। घर के बाहर रीता देवी (50), उनकी बेटी गोल्डी राजभर (24), सास मुखिया राजभर (70) और बहन का बेटा शिवम राजभर (25) धूप में बैठकर आपस में बातें कर रहे थे। किसी को अंदाजा तक नहीं था कि कुछ ही पलों में यह जगह खून और चीख-पुकार से भर जाएगी। तभी अचानक गांव की ओर से तेज रफ्तार कार आई और बिना ब्रेक लगाए सीधे परिवार के ऊपर चढ़ गई।

कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि चारों लोग हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कार उन्हें कुचलते हुए आगे निकल गई। पल भर में खुशियों से भरा आंगन मातम में बदल गया। मौके पर चीखें गूंज उठीं, महिलाएं बदहवास होकर रोने लगीं और गांव में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने रीता देवी को अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल बेटी गोल्डी राजभर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मां और बेटी की एक साथ मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। परिजन जमीन पर बैठकर रोने लगे, वहीं गांव में सन्नाटा पसर गया।

हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि कार में सवार एक अन्य युवक ने गांव के ही एक व्यक्ति की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इसके बाद वह भी कार समेत फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सरायलखंसी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और घायलों का इलाज जारी है।

मृतकों के परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी। परिजनों के मुताबिक, गांव निवासी राजन ने जानबूझकर कार को मोड़कर तेज रफ्तार में उनके परिवार को कुचल दिया। उनका कहना है कि दोनों परिवारों के बीच कई साल पुरानी रंजिश चली आ रही है। लड़की से जुड़े एक विवाद को लेकर पहले भी कई बार कहासुनी और तनाव हो चुका था।

परिजनों ने बताया कि इसी दुश्मनी के चलते आरोपी ने मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी ले जाने के बहाने कार निकाली और मौका देखकर पूरे परिवार को निशाना बना लिया। घटना के बाद आरोपी कुछ दूरी पर कार खड़ी कर फरार हो गया, ताकि इसे हादसा बताया जा सके। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आने से बच रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर गुस्सा और डर दोनों साफ झलक रहा है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है—चाहे वह हादसा हो या साजिश।

पुलिस का कहना है कि कार, घटनास्थल और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक खौफनाक चेतावनी है। जब निजी दुश्मनी सड़क पर दौड़ती कार में बदल जाए, तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहता। धूप में बैठे मासूम लोग भी अगर निशाना बन जाएं, तो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

मऊ की इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। एक मां और बेटी की अर्थी एक साथ उठना ऐसा जख्म है, जिसे गांव शायद कभी भूल नहीं पाएगा। अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है—क्या पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलेगा, या यह मामला भी रंजिश और फाइलों के बीच दबकर रह जाएगा?

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button