
देशभर में मौसम का कहर: बर्फबारी, बारिश, आंधी और गिरते तापमान से बदली तस्वीर
देश में मौसम ने एक बार फिर से अपना तेवर बदल लिया है। गर्मी के बीच अचानक आई इस तब्दीली ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं कई क्षेत्रों में मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पश्चिमी विक्षोभ के दोहरे असर ने पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम को अस्थिर बना दिया है। कहीं बर्फबारी हो रही है, तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इस बदलते मौसम का असर देश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

India Meteorological Department (आईएमडी) के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जबकि तेज हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान बिजली गिरने और ओले पड़ने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पांच मई तक इन क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहेगा। तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने और रास्ते बंद होने की आशंका है।
मैदानी इलाकों में भी मौसम ने राहत और चुनौती दोनों दी हैं। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। अनुमान है कि 3 से 7 मई के बीच तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन अचानक बदलाव के कारण लोगों को सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। असम, मेघालय, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की संभावना है। इन राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। जलभराव, सड़क बंद होने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं यहां आम हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। कई जगहों पर हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में धूल भरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान भी हो सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
दक्षिण भारत में भी मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं है। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि यहां तापमान अधिक रहने के कारण उमस भरा मौसम बना रहेगा। बारिश के बावजूद लोगों को चिपचिपी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अपना असर दिखाया है। मध्य प्रदेश, गुजरात, असम और झारखंड में तेज हवाएं चलीं और कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आईं।
पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। पूर्वी राजस्थान में धूल भरी आंधी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
हिमाचल प्रदेश में तेज हवाओं के कारण एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया है। कुल्लू जिले में एक वाहन पर पेड़ गिरने से चार महिला शिक्षिकाओं की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना इस बात का संकेत है कि मौसम की यह अस्थिरता कितनी खतरनाक हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर में भी भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। डोडा और रामबन के पास प्रमुख सड़कों पर मलबा गिरने से सैकड़ों वाहन फंस गए। प्रशासन द्वारा रास्तों को साफ करने का काम जारी है, लेकिन स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है।
इस तरह के मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं और बारिश के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बिजली गिरने के समय खुले मैदानों और ऊंचे स्थानों से दूर रहना जरूरी है। साथ ही, मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जहां एक ओर गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर कई नई चुनौतियां भी पैदा कर रहा है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, इसलिए सावधानी और सतर्कता ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।
